{"_id":"5a42a3944f1c1b87698c3ebd","slug":"71514316692-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदरों के आतंक से नगरवासी घर में कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदरों के आतंक से नगरवासी घर में कैद
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
नगर में बंदरों के आतंक के चलते लोग लाखों रुपये की लागत से बने अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। उन्हें हर समय बंदरों का डर सताता रहता है, क्योंकि आए दिन बंदरों को झुंड किस न किस पर हमला बोलकर उन्हें घायल कर रहा है। इससे जहां लोगों में आक्रोश पनप रहा है, वहीं शिकायत करने पर भी नगरपालिका अधिकारियों सहित वन विभाग के अफसर मूकदर्शक बने हैं।
नगर में लगातार बंदरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन न तो नगरपालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने की कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही वन विभाग के अधिकारियों द्वारा। जिससे यह समस्या गंभीर होती जा रही है। बंदर आए दिन महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। इससे लोग भयभीत है। इतना ही नहीं बाहर धूप में सूखे कपड़ों को बंदर फाड़ देते हैं। वही रसोई में घुसकर ग्रहणी पर हमला कर खाने की चीजों को उठा ले जाते है। बंदरों के आतंक का आलम यह है कि लाखों रुपये की लागत से बनाएं सपनों के घर में अब बंदरों से बचने के लिए मकानों के चारों ओर लोहे का जाल लगा रखा है ताकि बंदर अंदर न घुसे।
नगर के अनिल जैन, प्रदीप शर्मा, राजेंद्र शर्मा, यशवीर तोमर, सुनील जैन, प्रमोद, रवि जैन कहा सैकड़ों बार नगरपालिका अधिकारियों से बंदरों के आतंक की शिकायत की जा चुकी है और वन विभाग के अफसरों से भी बंदरों को पकड़ने के लिए अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। इस संबंध में नगरपालिका चेयरमैन अमित राणा ने कहा जल्द ही बोर्ड बैठक कर नगरवासियों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर में बंदरों के आतंक के चलते लोग लाखों रुपये की लागत से बने अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। उन्हें हर समय बंदरों का डर सताता रहता है, क्योंकि आए दिन बंदरों को झुंड किस न किस पर हमला बोलकर उन्हें घायल कर रहा है। इससे जहां लोगों में आक्रोश पनप रहा है, वहीं शिकायत करने पर भी नगरपालिका अधिकारियों सहित वन विभाग के अफसर मूकदर्शक बने हैं।
नगर में लगातार बंदरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन न तो नगरपालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने की कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही वन विभाग के अधिकारियों द्वारा। जिससे यह समस्या गंभीर होती जा रही है। बंदर आए दिन महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। इससे लोग भयभीत है। इतना ही नहीं बाहर धूप में सूखे कपड़ों को बंदर फाड़ देते हैं। वही रसोई में घुसकर ग्रहणी पर हमला कर खाने की चीजों को उठा ले जाते है। बंदरों के आतंक का आलम यह है कि लाखों रुपये की लागत से बनाएं सपनों के घर में अब बंदरों से बचने के लिए मकानों के चारों ओर लोहे का जाल लगा रखा है ताकि बंदर अंदर न घुसे।
विज्ञापन
नगर के अनिल जैन, प्रदीप शर्मा, राजेंद्र शर्मा, यशवीर तोमर, सुनील जैन, प्रमोद, रवि जैन कहा सैकड़ों बार नगरपालिका अधिकारियों से बंदरों के आतंक की शिकायत की जा चुकी है और वन विभाग के अफसरों से भी बंदरों को पकड़ने के लिए अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। इस संबंध में नगरपालिका चेयरमैन अमित राणा ने कहा जल्द ही बोर्ड बैठक कर नगरवासियों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाएगी।
विज्ञापन