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रथयात्रा महोत्सव में झूमे जैन समाज के लोग
Updated Sun, 12 Nov 2017 01:26 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
धर्म नगरी बिनौली में स्थित अति प्राचीन जिनालय के आमूल चूल जीर्णोद्वार पश्चात नवनिर्मित जैन स्वेतांबर मंदिर में चल रहे छह दिवसीय पंच कल्याणक युक्त अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महा महोत्सव के पांचवें दिन शनिवार को भगवान श्री की बाल्यावस्था, शिक्षा का सजीव चित्रण किया । सायं काल भगवान श्री की रथयात्रा मनमोहक झांकियों के साथ निकाली।
शनिवार को सुबह के समय श्रीमद विजय नित्यानन्द सूरीश्वर महाराज के पावन सानिध्य में व विधानाचार्य पंडित कलपेश भाई अहमदाबाद के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ महोत्सव प्रारंभ कर भगवान श्री की बाल्यावस्था, शिक्षा आदि का सजीव चित्रण किया । इस दौरान जैन समाज के लोगों ने हर्षोल्लास के साथ भगवान श्री की आराधना, जन्म बधाई, नामकरण, पाठशाला, राज्यभिषेक, राजतिलक से संबंधित मनमोहक नाटिका की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में श्रीमद नित्यानंद जी महाराज ने कहा कि 100 साल पहले जैन स्वेतांबर मंदिर के निर्माण का लाभ लेने वाले बिनौली परिवार के श्रीचंद, बाबू कीर्ति प्रसाद एडवोकेट, अमर सिंह और रिसाल सिंह वकील को स्मरण किया और आशा की उनके वंशजों द्वारा पुन: मंदिर का निर्माण किया गया वे साधुवाद के पात्र है। सायंकाल भगवान श्री की रथयात्रा बैंडबाजों और मनमोहक झांकियों के साथ निकाली । रथयात्रा में भगवान विमल नाथ जी को ध्वज चढ़ाने का सौभाग्य सुरेंद्र कुमार जैन, भगवान शांति नाथ को ध्वज चढ़ाने का सौभाग्य मेघ कुमार, मुकेश कुमार जैन, अंजन घोटना, बोहराने का सौभाग्य ताराचंद, गौतम चंद, पंकज जैन शिखर पर कलश चढ़ाने का सौभाग्य रिसाल सिंह, रथ में सारथी बनने का सौभाग्य, विमल कुमार ,शशांक जैन, चेतालय प्रतिष्ठा का सौभाग्य विनय कुमार, सुबोध चंद जैन को प्राप्त हुआ। सायंकाल भगवान श्री की रथयात्रा बैंडबाजों व मनमोहक झांकियों के साथ मंदिर से शुरू हुई, इसमें जैन समाज के लोग बैंडबाजों की मधुर धुनों पर नृत्य करते चले। रथयात्रा मेन बाजार, बस स्टैंड से होकर पूरे गांव की परिक्रमा कर वापस मंदिर जी पर आकर ही संपन हुई। इसमें अरुण कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, गौतम चंद जैन, सुधीर जैन, सुबोध जैन, पूर्णचंद जैन, सत्यप्रकाश गोयल, अंकित जैन, राकेश जैन, श्रवण जैन, योगेश आदि का सहयोग रहा।
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धर्म नगरी बिनौली में स्थित अति प्राचीन जिनालय के आमूल चूल जीर्णोद्वार पश्चात नवनिर्मित जैन स्वेतांबर मंदिर में चल रहे छह दिवसीय पंच कल्याणक युक्त अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महा महोत्सव के पांचवें दिन शनिवार को भगवान श्री की बाल्यावस्था, शिक्षा का सजीव चित्रण किया । सायं काल भगवान श्री की रथयात्रा मनमोहक झांकियों के साथ निकाली।
शनिवार को सुबह के समय श्रीमद विजय नित्यानन्द सूरीश्वर महाराज के पावन सानिध्य में व विधानाचार्य पंडित कलपेश भाई अहमदाबाद के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ महोत्सव प्रारंभ कर भगवान श्री की बाल्यावस्था, शिक्षा आदि का सजीव चित्रण किया । इस दौरान जैन समाज के लोगों ने हर्षोल्लास के साथ भगवान श्री की आराधना, जन्म बधाई, नामकरण, पाठशाला, राज्यभिषेक, राजतिलक से संबंधित मनमोहक नाटिका की प्रस्तुति दी।
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इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में श्रीमद नित्यानंद जी महाराज ने कहा कि 100 साल पहले जैन स्वेतांबर मंदिर के निर्माण का लाभ लेने वाले बिनौली परिवार के श्रीचंद, बाबू कीर्ति प्रसाद एडवोकेट, अमर सिंह और रिसाल सिंह वकील को स्मरण किया और आशा की उनके वंशजों द्वारा पुन: मंदिर का निर्माण किया गया वे साधुवाद के पात्र है। सायंकाल भगवान श्री की रथयात्रा बैंडबाजों और मनमोहक झांकियों के साथ निकाली । रथयात्रा में भगवान विमल नाथ जी को ध्वज चढ़ाने का सौभाग्य सुरेंद्र कुमार जैन, भगवान शांति नाथ को ध्वज चढ़ाने का सौभाग्य मेघ कुमार, मुकेश कुमार जैन, अंजन घोटना, बोहराने का सौभाग्य ताराचंद, गौतम चंद, पंकज जैन शिखर पर कलश चढ़ाने का सौभाग्य रिसाल सिंह, रथ में सारथी बनने का सौभाग्य, विमल कुमार ,शशांक जैन, चेतालय प्रतिष्ठा का सौभाग्य विनय कुमार, सुबोध चंद जैन को प्राप्त हुआ। सायंकाल भगवान श्री की रथयात्रा बैंडबाजों व मनमोहक झांकियों के साथ मंदिर से शुरू हुई, इसमें जैन समाज के लोग बैंडबाजों की मधुर धुनों पर नृत्य करते चले। रथयात्रा मेन बाजार, बस स्टैंड से होकर पूरे गांव की परिक्रमा कर वापस मंदिर जी पर आकर ही संपन हुई। इसमें अरुण कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, गौतम चंद जैन, सुधीर जैन, सुबोध जैन, पूर्णचंद जैन, सत्यप्रकाश गोयल, अंकित जैन, राकेश जैन, श्रवण जैन, योगेश आदि का सहयोग रहा।
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