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भारतीय संस्कृति को भूलता जा रहा है नौजवान
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:14 AM IST
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दोघट (बागपत)। चौधरी चरण सिंह सुधार मंच के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया । इसमें समाज में फैली कुरीतियों को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
नांगल गांव में राजपाल शास्त्री के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव सुखवीर सिंह गठीना ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया का सर्व श्रेष्ठ संस्कृति है। यद्यपि हिंदुस्तान से दूसरे देश विकास में बहुत आगे है, लेकिन आध्यात्मिक विकास में भारत से बहुत पीछे है। दुर्भाग्य से हमारा नौजवान इस विश्व की सबसे सुंदर वैज्ञानिक पद्धति को भूलता जा रहा है। इसका मूल कारण है कि इसका प्रचार प्रसार करने वाले लोग कम रह गए। चौधरी चरण समाज सुधार मंच के माध्यम से गांव-गांव तक प्रचार प्रसार करने का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। यह 35वां गांव है, इसमें यह सम्मेलन किया है। मंच के संरक्षक प्रोफेसर बलजीत सिंह आर्य ने कहा कि मंच से पहले यज्ञ का आयोजन, इस बात का संकेत है कि हम यज्ञ के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करें। यज्ञ के ब्रह्मा हरपाल सिंह आर्य रहे। राजपाल शास्त्री ने आगंतुकों का स्वागत किया। इसकी अध्यक्षता रामभजन ने की। संचालन हरपाल सिंह आर्य ने किया। इसमें विक्रम प्रधान, बिट्टू प्रधान, मास्टर राममेहर शर्मा, मास्टर कालू राम, मकसूद, यूसुफ, कृष्णपाल आदि रहे।
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नांगल गांव में राजपाल शास्त्री के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव सुखवीर सिंह गठीना ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया का सर्व श्रेष्ठ संस्कृति है। यद्यपि हिंदुस्तान से दूसरे देश विकास में बहुत आगे है, लेकिन आध्यात्मिक विकास में भारत से बहुत पीछे है। दुर्भाग्य से हमारा नौजवान इस विश्व की सबसे सुंदर वैज्ञानिक पद्धति को भूलता जा रहा है। इसका मूल कारण है कि इसका प्रचार प्रसार करने वाले लोग कम रह गए। चौधरी चरण समाज सुधार मंच के माध्यम से गांव-गांव तक प्रचार प्रसार करने का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। यह 35वां गांव है, इसमें यह सम्मेलन किया है। मंच के संरक्षक प्रोफेसर बलजीत सिंह आर्य ने कहा कि मंच से पहले यज्ञ का आयोजन, इस बात का संकेत है कि हम यज्ञ के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करें। यज्ञ के ब्रह्मा हरपाल सिंह आर्य रहे। राजपाल शास्त्री ने आगंतुकों का स्वागत किया। इसकी अध्यक्षता रामभजन ने की। संचालन हरपाल सिंह आर्य ने किया। इसमें विक्रम प्रधान, बिट्टू प्रधान, मास्टर राममेहर शर्मा, मास्टर कालू राम, मकसूद, यूसुफ, कृष्णपाल आदि रहे।