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गलत खाता डाला तो भुगतान नहीं होगा वापस
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:39 AM IST
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बागपत। वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. देवानंद ने कलक्ट्रेट सभागार में सभी आहरण वितरण अधिकारी और लेखाकारों के साथ ई - कुबेर प्रणाली के संबंध में बैठक ली। बताया कि किसी मद में कोई भुगतान हो उसे शीघ्र छह दिसंबर से पहले कोषागार में जरूर भेज दें, ताकि समय पर बिल निकाले जा सके।
उन्होंने कहा कि समस्त बिल डीडीओ पोर्टल के माध्यम से ही तैयार कर कोषागार में प्रस्तुत करेंगे। किसी भी बिल पर टोकन जारी नहीं किए जाएंगे। ई-कुबेर प्रणाली में कोई भी बेनिफिशियल फाइल, बेड ट्रांजेक्शन फाइल डाउन लोड में अप लोड करने की आवश्यकता नहीं है। डीडीओ पोर्टल पर समस्त अधिकारी और कर्मचारियों के फार्म, जिनको वेतन जीपीएफ एवं एजेंसी का भुगतान करना है, उनके खाता संख्या और आईएफसी कोड भली भांति चेक कर लें, क्योंकि ई-कुबेर प्रणाली में गलत खाता संख्या में भुगतान होने पर वर्तमान में भुगतान वापस होने का कोई प्रावधान नहीं है। डीडीओ पोर्टल पर खाता संख्या पर आईएफएससी कोड गलत होने की दशा में त्रुटि पूर्ण भुगतान होने की दशा में समस्त उत्तरदायित्व, कारण वितरण अधिकारी का होगा। प्रणाली के लागू होने के तीन दिन पूर्व समस्त भुगतान बंद रहेंगे। सुनिश्चित कर लें कि सभी टोकन का भुगतान कोषागार स्तर से हो गया है। यदि कोई टोकन अप लोड में अप्रूव होने से शेष रह जाता है यह निर्धारित तिथि के उपरांत अप लोड व अप्रूव किया जाता है तो उस टोकन पर भुगतान संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस प्रणाली से किसी भी भुगतान के सापेक्ष ड्राफ्ट जारी नहीं होगा, क्योंकि ई - कुबेर प्रणाली में एक जनपद के कोषागार के सीसी, एलडीसीएल एवं पीएलए खाते से दूसरे जनपद के कोषागार के सीसी एलडीसीएल एवं पीएलए खाते में हस्तांतरण किया जा सकता है। कोषाधिकारी ने कहा फेल्ड ट्रांजेक्शन के सापेक्ष बैंक में चेक निर्गत नहीं होगा। इसमें सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, ओसी गुलशन कुमार, उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार, एआईजी स्टांप राम दयाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि समस्त बिल डीडीओ पोर्टल के माध्यम से ही तैयार कर कोषागार में प्रस्तुत करेंगे। किसी भी बिल पर टोकन जारी नहीं किए जाएंगे। ई-कुबेर प्रणाली में कोई भी बेनिफिशियल फाइल, बेड ट्रांजेक्शन फाइल डाउन लोड में अप लोड करने की आवश्यकता नहीं है। डीडीओ पोर्टल पर समस्त अधिकारी और कर्मचारियों के फार्म, जिनको वेतन जीपीएफ एवं एजेंसी का भुगतान करना है, उनके खाता संख्या और आईएफसी कोड भली भांति चेक कर लें, क्योंकि ई-कुबेर प्रणाली में गलत खाता संख्या में भुगतान होने पर वर्तमान में भुगतान वापस होने का कोई प्रावधान नहीं है। डीडीओ पोर्टल पर खाता संख्या पर आईएफएससी कोड गलत होने की दशा में त्रुटि पूर्ण भुगतान होने की दशा में समस्त उत्तरदायित्व, कारण वितरण अधिकारी का होगा। प्रणाली के लागू होने के तीन दिन पूर्व समस्त भुगतान बंद रहेंगे। सुनिश्चित कर लें कि सभी टोकन का भुगतान कोषागार स्तर से हो गया है। यदि कोई टोकन अप लोड में अप्रूव होने से शेष रह जाता है यह निर्धारित तिथि के उपरांत अप लोड व अप्रूव किया जाता है तो उस टोकन पर भुगतान संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस प्रणाली से किसी भी भुगतान के सापेक्ष ड्राफ्ट जारी नहीं होगा, क्योंकि ई - कुबेर प्रणाली में एक जनपद के कोषागार के सीसी, एलडीसीएल एवं पीएलए खाते से दूसरे जनपद के कोषागार के सीसी एलडीसीएल एवं पीएलए खाते में हस्तांतरण किया जा सकता है। कोषाधिकारी ने कहा फेल्ड ट्रांजेक्शन के सापेक्ष बैंक में चेक निर्गत नहीं होगा। इसमें सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, ओसी गुलशन कुमार, उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार, एआईजी स्टांप राम दयाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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