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शिक्षामित्रों ने दिल्ली में उप राष्ट्रपति को सुनाई पीड़ा
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:52 AM IST
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बागपत। शिक्षा मित्रों का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली में उपराष्ट्रपति से मिला। इस दौरान उन्होंने चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर पद बहाली की मांग की गई।
समायोजन बहाल करने के लिए शिक्षा मित्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को शिक्षामित्रों ने उप राष्ट्रपति वैंकया नायडू को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 से 2007 के मध्य में शिक्षक पद के लिए चयन हुआ। वर्ष 2010 में शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू है। बताया कि पूर्व की सरकार ने किन राजनीतिक कारणों के चलते हमें शिक्षा मित्र परिभाषित नहीं किया, इसका संज्ञान लिया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा बनाए नियम कानूनों के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय में केस हार गई है। इसका दंश उत्तर प्रदेश के 1.72 लाख परिवारों को झेलना पड़ा। गुणवत्ता सुधार का आदेश यूपी में भी लागू कराए। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित 38878 तक शिक्षामित्रों को देने के निर्देश हुए थे, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया। सभी ने कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान सचिन शर्मा, शरद कुमार सिंह, दुष्यंत चौहान, धर्मेंद्र कुमार पांडेय आदि रहे।
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समायोजन बहाल करने के लिए शिक्षा मित्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को शिक्षामित्रों ने उप राष्ट्रपति वैंकया नायडू को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 से 2007 के मध्य में शिक्षक पद के लिए चयन हुआ। वर्ष 2010 में शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू है। बताया कि पूर्व की सरकार ने किन राजनीतिक कारणों के चलते हमें शिक्षा मित्र परिभाषित नहीं किया, इसका संज्ञान लिया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा बनाए नियम कानूनों के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय में केस हार गई है। इसका दंश उत्तर प्रदेश के 1.72 लाख परिवारों को झेलना पड़ा। गुणवत्ता सुधार का आदेश यूपी में भी लागू कराए। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित 38878 तक शिक्षामित्रों को देने के निर्देश हुए थे, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया। सभी ने कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान सचिन शर्मा, शरद कुमार सिंह, दुष्यंत चौहान, धर्मेंद्र कुमार पांडेय आदि रहे।