{"_id":"5b05bf9e4f1c1b894c8b6af8","slug":"61527103390-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीडी ने तालाब की भूमि पर स्वीकृत रास्ते को किया निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीडी ने तालाब की भूमि पर स्वीकृत रास्ते को किया निरस्त
Updated Thu, 24 May 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। पाबला गांव में विधायक निधि से रास्ते का निर्माण रोक दिया। डीआरडीएम के परियोजना निदेशक (पीडी) ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा से प्रथम किस्त में जारी धनराशि को वापस करने के निर्देश दिए हैं। कुछ ग्रामीणों ने तालाब की भूमि पर रास्ते का निर्माण करने की शिकायत की ।
विधायक योगेश धामा की निधि से पाबला बेगमाबाद में संजय से राजीव के मकान तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य स्वीकृत हुए। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को जिम्मेदारी दी। निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की । ग्रामीणों ने तालाब की भूमि पर रास्ते का निर्माण कराने का आरोप लगाकर उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की। आरोप लगाया कि नियम विरुद्ध रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि तालाब की भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं हो सकता है। डीआरडीए के परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद स्थलीय जांच कराई और अभिलेखों का निरीक्षण किया। राजस्व अभिलेखों में तालाब अंकित मिला। यहां पर रास्ते का निर्माण नहीं हो सकता है। निर्माण कार्य को निरस्त किया गया है। पीडी एमएल पटेल ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव जारी की गई प्रथम किस्त की धनराशि को वापस करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विधायक योगेश धामा की निधि से पाबला बेगमाबाद में संजय से राजीव के मकान तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य स्वीकृत हुए। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को जिम्मेदारी दी। निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की । ग्रामीणों ने तालाब की भूमि पर रास्ते का निर्माण कराने का आरोप लगाकर उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की। आरोप लगाया कि नियम विरुद्ध रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि तालाब की भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं हो सकता है। डीआरडीए के परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद स्थलीय जांच कराई और अभिलेखों का निरीक्षण किया। राजस्व अभिलेखों में तालाब अंकित मिला। यहां पर रास्ते का निर्माण नहीं हो सकता है। निर्माण कार्य को निरस्त किया गया है। पीडी एमएल पटेल ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव जारी की गई प्रथम किस्त की धनराशि को वापस करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन