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गिजुभाई बधेका की 133 वी जयंती को धूमधाम से मनाया
Updated Thu, 16 Nov 2017 01:06 AM IST
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गिजुभाई बधेका की 133वीं जयंती निकाली
बड़ौत (बागपत)।
दिगंबर जैन महाविद्यालय में बुधवार को बाल देवता के उपासक महान शिक्षा शास्त्री गिजुभाई बधेका की 133 वीं जयंती को धूमधाम से मर्नाई । माल्यार्पण डॉ. महेश कुमार मुछाल , डॉ. सतीश पाल सिंह और डॉ. दीपक जैन ने किया। इस अवसर पर डॉ. महेश कुमार मुछाल ने बताया कि गिजुभाई का जन्म 15 नवंबर 1885 को भावनगर गुजरात में हुआ था । पेशे से वकील होने के बाद भी इन्होंने शिक्षा में 213 पुस्तकें लिखी जो बाल केंद्रित शिक्षा में क्रांति कर देने वाली हैं इनकी प्राथमिक शाला पुस्तक को राजस्थान डाइट में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाता है डॉ. सतीश पाल सिंह ने बताया की महान शिक्षा शास्त्री गिजुभाई बधेका जी बच्चों पर कार्य करने वाले पहले भारतीय शिक्षा शास्त्री थे ।इस अवसर पर प्रो. हरेंद्र मलिक डॉ. कविता अग्रवाल ,डॉ. सुनीता और स्वाति कनिका प्रिंसी साक्षी साक्षी शिविका नेहा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
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बड़ौत (बागपत)।
दिगंबर जैन महाविद्यालय में बुधवार को बाल देवता के उपासक महान शिक्षा शास्त्री गिजुभाई बधेका की 133 वीं जयंती को धूमधाम से मर्नाई । माल्यार्पण डॉ. महेश कुमार मुछाल , डॉ. सतीश पाल सिंह और डॉ. दीपक जैन ने किया। इस अवसर पर डॉ. महेश कुमार मुछाल ने बताया कि गिजुभाई का जन्म 15 नवंबर 1885 को भावनगर गुजरात में हुआ था । पेशे से वकील होने के बाद भी इन्होंने शिक्षा में 213 पुस्तकें लिखी जो बाल केंद्रित शिक्षा में क्रांति कर देने वाली हैं इनकी प्राथमिक शाला पुस्तक को राजस्थान डाइट में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाता है डॉ. सतीश पाल सिंह ने बताया की महान शिक्षा शास्त्री गिजुभाई बधेका जी बच्चों पर कार्य करने वाले पहले भारतीय शिक्षा शास्त्री थे ।इस अवसर पर प्रो. हरेंद्र मलिक डॉ. कविता अग्रवाल ,डॉ. सुनीता और स्वाति कनिका प्रिंसी साक्षी साक्षी शिविका नेहा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।