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सुपरवाइजरों ने डीपीओ के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:01 AM IST
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बागपत। जिला कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। डीएम से शिकायत कर अनियमितताओं की शिकायत की। कर्मचारियों का शोषण करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
विभिन्न ब्लॉकों में तैनात सुपरवाइजर सोमवार को कलक्ट्रेट में एकजुट होकर डीएम ऋषिरेंद्र कुमार से मिली। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किए की जा रही अनियमितताओं की शिकायत की। कर्मचारियों का शोषण करने का आरोप लगाया। ग्राम प्रधानों से सामान के बचे हुए दो हजार से 25 सौ रुपये वापस लिए हैं। दवा रखने के लिए 10 हजार रुपये के डिब्बे खरीदे गए, जिसके पैसे प्रशासनिक अधिकारी राजेश कुंवर से लिए गए हैं। डब्बे के रुपये प्रधानों से लिए, लेकिन उन्हें वापस नहीं किए। कार्यालय में बहुत कम आती है। सुपोषण स्वास्थ्य मेले के लिए सात हजार रुपये प्रत्येक सेंटर के लिए आए, लेकिन दबाव बनाकर 35 सौ रुपये वापस लिए गए। न देने अभद्र व्यवहार करती है। निरीक्षण के नाम पर अधिकारियों के नाम से प्रति परियोजना से एक-एक हजार वसूल कर चुकी है, और एक-एक हजार की मांग कर रही है। मुख्य सेविका अल्का शासकीय कार्य के लिए स्वयं खर्च करती है, लेकिन बिलों की धनराशि अपने खाते में डालती है। डीएम को अवगत कराया कोई भी कर्मचारी उनके साथ कार्य करने को तैयार नहीं है। जिला कार्यक्रम अधिकारी चार्ज किसी अन्य अधिकारी को देने की डीएम से मांग की है। रेनू विश्नोई, उमा राजपूत, सरोज चौहान, अनिता रानी, राजेश कुंवर, सतीश, अमित कुमार, रीता, अल्का मौजूद रहे।
सुपरवाइजरों से मांगा स्पष्टीकरण तो लगा रही है आरोप
बागपत। कार्यक्रम अधिकारी बीना बजाज ने कहा कि सुपरवाइजरों द्वारा मनमानी की जा रही है। केंद्रों का निरीक्षण नहीं करती है। एक सुपरवाइजर रेनू विश्नोई कई बार निरीक्षण में अनुपस्थित मिल चुकी है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर इनके द्वारा अनियमितता की जा रही है। सीडीओ को भी निरीक्षण में लापरवाही सामने आ चुकी है। सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। जिस कारण ये लोग राजनीति कर रहे हैं। सभी आरोप निराधार है।
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विभिन्न ब्लॉकों में तैनात सुपरवाइजर सोमवार को कलक्ट्रेट में एकजुट होकर डीएम ऋषिरेंद्र कुमार से मिली। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किए की जा रही अनियमितताओं की शिकायत की। कर्मचारियों का शोषण करने का आरोप लगाया। ग्राम प्रधानों से सामान के बचे हुए दो हजार से 25 सौ रुपये वापस लिए हैं। दवा रखने के लिए 10 हजार रुपये के डिब्बे खरीदे गए, जिसके पैसे प्रशासनिक अधिकारी राजेश कुंवर से लिए गए हैं। डब्बे के रुपये प्रधानों से लिए, लेकिन उन्हें वापस नहीं किए। कार्यालय में बहुत कम आती है। सुपोषण स्वास्थ्य मेले के लिए सात हजार रुपये प्रत्येक सेंटर के लिए आए, लेकिन दबाव बनाकर 35 सौ रुपये वापस लिए गए। न देने अभद्र व्यवहार करती है। निरीक्षण के नाम पर अधिकारियों के नाम से प्रति परियोजना से एक-एक हजार वसूल कर चुकी है, और एक-एक हजार की मांग कर रही है। मुख्य सेविका अल्का शासकीय कार्य के लिए स्वयं खर्च करती है, लेकिन बिलों की धनराशि अपने खाते में डालती है। डीएम को अवगत कराया कोई भी कर्मचारी उनके साथ कार्य करने को तैयार नहीं है। जिला कार्यक्रम अधिकारी चार्ज किसी अन्य अधिकारी को देने की डीएम से मांग की है। रेनू विश्नोई, उमा राजपूत, सरोज चौहान, अनिता रानी, राजेश कुंवर, सतीश, अमित कुमार, रीता, अल्का मौजूद रहे।
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सुपरवाइजरों से मांगा स्पष्टीकरण तो लगा रही है आरोप
बागपत। कार्यक्रम अधिकारी बीना बजाज ने कहा कि सुपरवाइजरों द्वारा मनमानी की जा रही है। केंद्रों का निरीक्षण नहीं करती है। एक सुपरवाइजर रेनू विश्नोई कई बार निरीक्षण में अनुपस्थित मिल चुकी है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर इनके द्वारा अनियमितता की जा रही है। सीडीओ को भी निरीक्षण में लापरवाही सामने आ चुकी है। सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। जिस कारण ये लोग राजनीति कर रहे हैं। सभी आरोप निराधार है।
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