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ठंड बढ़ते ही बढ़ गए दिल के मरीज
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:20 AM IST
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बागपत। जिले में अचानक बढ़ी ठंड की वजह से दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में प्रति दिन आठ से दस हार्ट के मरीज आ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने कहा ठंड के कारण हर साल हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।
सर्दियां आने के साथ ही सेहत संबंधी कई समस्याएं सामने आने लगती है। फेफड़ों की परेशानी तो परेशानी करती ही है, साथ ही दिल के मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है। आलस्य की वजह से लोग अपने दिल को स्वस्थ रखने पर ध्यान नहीं देते हैं। जबकि सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा दिल को ही रहता है। जिला अस्पताल में प्रति दिन आठ से दस दिल की बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक राजेश कुमार ने बताया कि 40 से 50 साल की उम्र वाले हार्ट के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। पिछले दो-तीन दिन में ओपीडी में हार्ट के मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़ गई है। जब ठंड बढ़ती है तो ब्लड गाढ़ा हो जाता है। नाड़ी सिकुड़ जाती है और नस में भी 30 प्रतिशत तक रुकावट हो जाती है। इस मौसम में लोग पानी भी कम पीते हैं। प्रदूषण भी बढ़ जाता है और स्मॉग होने पर प्रदूषण नीचे आ जाता है। जो सांस के जरिये हार्ट तक पहुंचता है। यही वजह है कि इस मौसम में हार्ट की बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। सुबह के समय ठंड से बचाव बहुत जरूरी है। मरीज घर पर ही एक्सरसाइज करें। मौसम के हिसाब से जिंदगी को बदले। उन्होंने बताया कि हार्ट के मरीजों के लिए अस्पताल में दवा उपलब्ध है। मरीजों को दवा से ही ठीक किया जा सकता है।
यह रखिये ध्यान
* सुबह के समय ठहलने पर न जाए, यदि जाए तो गर्म कपडे़ पहनकर निकले
* दिल के रोगी अपनी दवा साथ रखे
* कोई परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
* पानी लगातार पीते रहें
* दिल के मरीज रोजाना घर पर व्यायाम करें
* कम कैलोरी वाला भोजन ग्रहण करें
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सर्दियां आने के साथ ही सेहत संबंधी कई समस्याएं सामने आने लगती है। फेफड़ों की परेशानी तो परेशानी करती ही है, साथ ही दिल के मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है। आलस्य की वजह से लोग अपने दिल को स्वस्थ रखने पर ध्यान नहीं देते हैं। जबकि सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा दिल को ही रहता है। जिला अस्पताल में प्रति दिन आठ से दस दिल की बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक राजेश कुमार ने बताया कि 40 से 50 साल की उम्र वाले हार्ट के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। पिछले दो-तीन दिन में ओपीडी में हार्ट के मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़ गई है। जब ठंड बढ़ती है तो ब्लड गाढ़ा हो जाता है। नाड़ी सिकुड़ जाती है और नस में भी 30 प्रतिशत तक रुकावट हो जाती है। इस मौसम में लोग पानी भी कम पीते हैं। प्रदूषण भी बढ़ जाता है और स्मॉग होने पर प्रदूषण नीचे आ जाता है। जो सांस के जरिये हार्ट तक पहुंचता है। यही वजह है कि इस मौसम में हार्ट की बीमारी की संभावना बढ़ जाती है। सुबह के समय ठंड से बचाव बहुत जरूरी है। मरीज घर पर ही एक्सरसाइज करें। मौसम के हिसाब से जिंदगी को बदले। उन्होंने बताया कि हार्ट के मरीजों के लिए अस्पताल में दवा उपलब्ध है। मरीजों को दवा से ही ठीक किया जा सकता है।
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यह रखिये ध्यान
* सुबह के समय ठहलने पर न जाए, यदि जाए तो गर्म कपडे़ पहनकर निकले
* दिल के रोगी अपनी दवा साथ रखे
* कोई परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
* पानी लगातार पीते रहें
* दिल के मरीज रोजाना घर पर व्यायाम करें
* कम कैलोरी वाला भोजन ग्रहण करें