{"_id":"5ab6aa064f1c1b5a598b5eeb","slug":"51521920518-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां कालरात्रि की पूजा खत्म हो जाता है शत्राओं का भय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां कालरात्रि की पूजा खत्म हो जाता है शत्राओं का भय
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की जिलेभर में पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में हवन और कीर्तन का आयोजन किया । इस मौके पर बाबा जानकी दास मंदिर में हवन किया। मां की आराधना के बाद उपासकों ने अपने व्रत खोले।
शनिवार को नवरात्र के सातवें दिन दुर्गा माह के सातवें स्वरूप कालरात्रि की आराधना की गई। मंदिरों में पूजा की। श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा की जाएगी। दश महाविद्या में उनका प्रथम स्थान है। माता महाकाली को इनकी पूजा में गुलाब के लाल फूल, तांबूल, अनार के फल से खुश होती है। इनकी पूजा करने से शत्रु का भय दूर हो जाता है। मुकदमे में विजय प्राप्त होती है। मां कालरात्रि का रूप भयानक है, लेकिन भक्तों को किसी प्रकार से भयभीत अथवा आतंकित होनी की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मां दुष्टों का विनाश करने वाली है। दानव, राक्षस, भूत प्रेस इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं।
अमीनगर सराय कस्बा स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते साध्वी स्तुति ने कहा जिन मानव ने भगवान की कथा का श्रवण कर लिया वो सांसारिक मोह माया के बंधन से मुक्त हो जाता है। अपने बुरे विचारों को त्याग करें, भौतिक वस्तुओं का काम से कम उपयोग करें, विचारों में पवित्रता होनी चाहिए, सात्विक भोजन जीवन के लिए सर्वोत्तम है, मद पान न करें। इस दौरान ईश्वर दयाल, रमेश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। इसके अलावा अग्रवाल मंडी टटीरी, दाहा, बालैनी, छपरौली सहित विभिन्न स्थानों पर मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
आज नवरात्र का श्रद्धालु करेंगे उदयापन
ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि आज (रविवार) को नवरात्र का समापन होगा, क्योंकि इस बार शास्त्रों के अनुसार नवमी और अष्टमी एक ही दिन पड़ रही है। घरों में कन्याओं को भोजन कराने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा अपने व्रत खोले जाएंगे। घरों में व्रतों का उदयापन विधि विधान से कराया जाएगा।
विज्ञापन
शनिवार को नवरात्र के सातवें दिन दुर्गा माह के सातवें स्वरूप कालरात्रि की आराधना की गई। मंदिरों में पूजा की। श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा की जाएगी। दश महाविद्या में उनका प्रथम स्थान है। माता महाकाली को इनकी पूजा में गुलाब के लाल फूल, तांबूल, अनार के फल से खुश होती है। इनकी पूजा करने से शत्रु का भय दूर हो जाता है। मुकदमे में विजय प्राप्त होती है। मां कालरात्रि का रूप भयानक है, लेकिन भक्तों को किसी प्रकार से भयभीत अथवा आतंकित होनी की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मां दुष्टों का विनाश करने वाली है। दानव, राक्षस, भूत प्रेस इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं।
विज्ञापन
अमीनगर सराय कस्बा स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते साध्वी स्तुति ने कहा जिन मानव ने भगवान की कथा का श्रवण कर लिया वो सांसारिक मोह माया के बंधन से मुक्त हो जाता है। अपने बुरे विचारों को त्याग करें, भौतिक वस्तुओं का काम से कम उपयोग करें, विचारों में पवित्रता होनी चाहिए, सात्विक भोजन जीवन के लिए सर्वोत्तम है, मद पान न करें। इस दौरान ईश्वर दयाल, रमेश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। इसके अलावा अग्रवाल मंडी टटीरी, दाहा, बालैनी, छपरौली सहित विभिन्न स्थानों पर मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
आज नवरात्र का श्रद्धालु करेंगे उदयापन
ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि आज (रविवार) को नवरात्र का समापन होगा, क्योंकि इस बार शास्त्रों के अनुसार नवमी और अष्टमी एक ही दिन पड़ रही है। घरों में कन्याओं को भोजन कराने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा अपने व्रत खोले जाएंगे। घरों में व्रतों का उदयापन विधि विधान से कराया जाएगा।