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पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुई निवाड़ा में घटना-विधायक
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:16 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने जनपद बागपत के निवाड़ा में बृहस्पतिवार को हुए उपद्रव और भीषण हिंसा की निंदा कर दुख: व्यक्त किया। इस तरह की घटनाओं पर शीघ्र लगाम लगाने की आवश्यकता है।
उन्होंने जारी बयान में बताया कि निवाड़ा गांव में पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमीन के कब्जे के विवाद को लेकर हिंसा का रूप लिया है। इस दौरान यमुना नदी में रेत खनन का कार्य कर रहे ठेकेदारों और ग्रामीणों में जमकर गोलियां चलीं। इसमें दर्जनों लोगों के घायल होने की संभावना है। उन्होंने कहा वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण ही निवाड़ा गौरीपुर खादर में हिंसा की यह निंदनीय घटना हुई है। जब सरकार ने रेत खनन का ठेका छोड़ा हुआ है तो उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि खनन का कार्य प्रशासन की देखरेख में ही हो। परंतु पुलिस प्रशासन और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। खनन माफिया बेफिक्र होकर यमुना नदी का सीना चीर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने काठा गांव हादसें से भी सबक नहीं लिया। साथ ही उन्होंने सरकार से खनन का कार्य प्रशासन की मौजूदगी में करने की मांग की।
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छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने जनपद बागपत के निवाड़ा में बृहस्पतिवार को हुए उपद्रव और भीषण हिंसा की निंदा कर दुख: व्यक्त किया। इस तरह की घटनाओं पर शीघ्र लगाम लगाने की आवश्यकता है।
उन्होंने जारी बयान में बताया कि निवाड़ा गांव में पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमीन के कब्जे के विवाद को लेकर हिंसा का रूप लिया है। इस दौरान यमुना नदी में रेत खनन का कार्य कर रहे ठेकेदारों और ग्रामीणों में जमकर गोलियां चलीं। इसमें दर्जनों लोगों के घायल होने की संभावना है। उन्होंने कहा वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण ही निवाड़ा गौरीपुर खादर में हिंसा की यह निंदनीय घटना हुई है। जब सरकार ने रेत खनन का ठेका छोड़ा हुआ है तो उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि खनन का कार्य प्रशासन की देखरेख में ही हो। परंतु पुलिस प्रशासन और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। खनन माफिया बेफिक्र होकर यमुना नदी का सीना चीर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने काठा गांव हादसें से भी सबक नहीं लिया। साथ ही उन्होंने सरकार से खनन का कार्य प्रशासन की मौजूदगी में करने की मांग की।
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