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-तालाब जीर्णोद्धार नहीं कराया, 43 लाख का बजट करना पड़ा सरेंडर
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बागपत। रमाला तालाब के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण के लिए मिला 43 लाख रुपये का बजट लघु सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते सरेंडर करना पड़ा। छपरौली विधायक की मांग पर डीएम ने जांच के लिए जिला विकास अधिकारी हुबलाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
रमाला तालाब का जीर्णोद्धार जिला योजना समिति में शामिल किया था। तालाब के जीर्णोद्धार के लिए विधायक सहेंद्र सिंह ने 43 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कराया। लघु सिंचाई विभाग को तालाब के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी सौंपी गई। फरवरी में शासन स्तर से बजट जारी हो गया। लघु सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते टेंडर और रिटेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर लघु सिंचाई विभाग ने बजट सरेंडर कर दिया। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने जांच की मांग की। इस पर डीएम राजकमल यादव ने डीडीओ हुबलाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
एसडीएम सदर और जिला पंचायत के लेखाकार को भी जांच टीम में शामिल किया गया है। टीम को जांचकर सौंप रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। लघु सिंचाई के अवर अभियंता विपिन त्यागी का कहना है कि तालाब जीर्णोद्धार के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। ठेकेदार के कागजात पूरे न होने के कारण टेंडर नहीं छोड़ा जा सका। जिसके चलते बजट सरेंडर करना पड़ा।
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रमाला गांव में तालाब के सुंदरीकरण के लिए 43 लाख की धनराशि स्वीकृत कराई थी। लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से कार्य नहीं हो सका। पैसा भी वापस चला गया। डीएम से इस मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने तीन सदस्यीय टीम गठित की है, जो मामले की जांच कर रही है।-सहेंद्र सिंह रमाला, छपरौली विधायक।
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रमाला तालाब का जीर्णोद्धार जिला योजना समिति में शामिल किया था। तालाब के जीर्णोद्धार के लिए विधायक सहेंद्र सिंह ने 43 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कराया। लघु सिंचाई विभाग को तालाब के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी सौंपी गई। फरवरी में शासन स्तर से बजट जारी हो गया। लघु सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते टेंडर और रिटेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर लघु सिंचाई विभाग ने बजट सरेंडर कर दिया। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने जांच की मांग की। इस पर डीएम राजकमल यादव ने डीडीओ हुबलाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
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एसडीएम सदर और जिला पंचायत के लेखाकार को भी जांच टीम में शामिल किया गया है। टीम को जांचकर सौंप रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। लघु सिंचाई के अवर अभियंता विपिन त्यागी का कहना है कि तालाब जीर्णोद्धार के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। ठेकेदार के कागजात पूरे न होने के कारण टेंडर नहीं छोड़ा जा सका। जिसके चलते बजट सरेंडर करना पड़ा।
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रमाला गांव में तालाब के सुंदरीकरण के लिए 43 लाख की धनराशि स्वीकृत कराई थी। लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से कार्य नहीं हो सका। पैसा भी वापस चला गया। डीएम से इस मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने तीन सदस्यीय टीम गठित की है, जो मामले की जांच कर रही है।-सहेंद्र सिंह रमाला, छपरौली विधायक।