लोक अदालत में 41798 वाद निस्तारित
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उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश संजय हरकौली ने की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनुराग कुरील ने बताया शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों ने फौजदारी के 1947 मुकदमों का निस्तारण कर 281470 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले। जबकि राजस्व न्यायालय ने 39769 मुकदमों का निस्तारण कर 1136820 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले।
उन्होंने बताया सात दीवानी वाद, 62 पारिवारिक वाद, 6 बाल संवाद और 16 उत्तराधिकार अधिनियम के वाद निस्तारित कर पीड़ित पक्ष को 809815 रुपये वादकारी को दिलाए। उन्होंने बताया 14 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद निस्तारित कर 3607000 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। इसके अतिरिक्त बैंक ऋण से संबंधित 82 केसों का निस्तारण कर 5057978 रुपये ऋण की धनराशि वसूल की।
इस मौके पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालचंद पांडेय, प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) पीयूष पांडेय, एडीजे (द्वितीय) समर पाल सिंह बालियान, त्वरित न्यायालय/ महिला उत्पीड़न (प्रथम) डॉ. मनु कालिया, त्वरित न्यायालय (द्वितीय एवं नोडल अधिकारी) विपिन कुमार, सीजेएम मुकेश कुमार सिंह, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शालिनी सागर, न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्की, सिविल जज जूनियर डिवीजन (प्रथम) किरण गौड़ मौजूद रहीं। इसके अलावा सीजेएम न्यायालय ने दंपति विवाद का निस्तारण किया। जिला जज संजय हरकौली ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और पुलिस प्रशासन एवं वादकारियों का सहयोग मिलने पर धन्यवाद किया।