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चौधरी चरण सिंह मैदान में उतरे तो जाट सीट बन गई बागपत
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बागपत। एक बार फिर सत्ता का संग्राम फिर शुरू हो चुका है। बागपत संसदीय क्षेत्र में पिछले 42 साल से एक भी गैर जाट सांसद नहीं चुना गया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने पहला चुनाव 1977 में लड़ा था, इसके बाद बागपत लोकसभा क्षेत्र जाट सीट बन गई और गैर जाट प्रत्याशी यहां से लोकसभा तक नहीं पहुंच सका।
लोकसभा क्षेत्र का नाम बागपत साल 1967 से प्रकाश में आया। इससे पहले मेरठ की तीन सीटों में एक के हिस्से में बागपत के विधानसभा क्षेत्र जुड़ते थे। कांग्रेस के टिकट पर सबसे पहले खुशीराम यहां के सांसद चुने गए थे। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह बताते हैं कि स्वतंत्रता सेनानी विष्णु शरण दुबलिश भी यहीं से सांसद चुने गए थे। गाजियाबाद के किशन चंद शर्मा तीसरे सांसद निर्वाचित होकर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद परिसीमन में बागपत लोकसभा प्रकाश में आई और सबसे पहले सांसद चुने गए रघुवीर सिंह शास्त्री। वह पहले जाट सांसद थे, इसके अगले ही चुनाव 1971 में रामचंद्र विकल ने यहां से जीत दर्ज कर ली और पहली बार गुर्जर सांसद चुने गए। साल 1977 में चौधरी चरण सिंह मैदान में उतरे। तब से अब तक 42 साल बाद बागपत लोकसभा सीट पर एक बार भी गैर जाट सांसद लोकसभा नहीं पहुंच सका है। चौधरी चरण सिंह के परिवार के अलावा भाजपा से दो बार लोकसभा पहुंचने वाले सोमपाल शास्त्री और डॉ. सत्यपाल सिंह भी जाट हैं। इस बार के चुनाव में भी जाट सांसद का चुना जाना तय है, क्योंकि भाजपा और रालोद के प्रत्याशी जाट हैं।
कब कौन रहा सांसद
1952 खुशीराम शर्मा
1957 विष्णु शरण दुबलिश
1962 किशन चंद शर्मा
1967 आरएस शास्त्री
1971 रामचंद्र विकल
1977 चौधरी चरण सिंह
1980 चौधरी चरण सिंह
1984 चौधरी चरण सिंह
1989 चौधरी अजित सिंह
1991 चौधरी अजित सिंह
1996 चौधरी अजित सिंह
1998 सोमपाल शास्त्री
1999 चौधरी अजित सिंह
2004 चौधरी अजित सिंह
2009 चौधरी अजित सिंह
2014 डॉ. सत्यपाल सिंह
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लोकसभा क्षेत्र का नाम बागपत साल 1967 से प्रकाश में आया। इससे पहले मेरठ की तीन सीटों में एक के हिस्से में बागपत के विधानसभा क्षेत्र जुड़ते थे। कांग्रेस के टिकट पर सबसे पहले खुशीराम यहां के सांसद चुने गए थे। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह बताते हैं कि स्वतंत्रता सेनानी विष्णु शरण दुबलिश भी यहीं से सांसद चुने गए थे। गाजियाबाद के किशन चंद शर्मा तीसरे सांसद निर्वाचित होकर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद परिसीमन में बागपत लोकसभा प्रकाश में आई और सबसे पहले सांसद चुने गए रघुवीर सिंह शास्त्री। वह पहले जाट सांसद थे, इसके अगले ही चुनाव 1971 में रामचंद्र विकल ने यहां से जीत दर्ज कर ली और पहली बार गुर्जर सांसद चुने गए। साल 1977 में चौधरी चरण सिंह मैदान में उतरे। तब से अब तक 42 साल बाद बागपत लोकसभा सीट पर एक बार भी गैर जाट सांसद लोकसभा नहीं पहुंच सका है। चौधरी चरण सिंह के परिवार के अलावा भाजपा से दो बार लोकसभा पहुंचने वाले सोमपाल शास्त्री और डॉ. सत्यपाल सिंह भी जाट हैं। इस बार के चुनाव में भी जाट सांसद का चुना जाना तय है, क्योंकि भाजपा और रालोद के प्रत्याशी जाट हैं।
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कब कौन रहा सांसद
1952 खुशीराम शर्मा
1957 विष्णु शरण दुबलिश
1962 किशन चंद शर्मा
1967 आरएस शास्त्री
1971 रामचंद्र विकल
1977 चौधरी चरण सिंह
1980 चौधरी चरण सिंह
1984 चौधरी चरण सिंह
1989 चौधरी अजित सिंह
1991 चौधरी अजित सिंह
1996 चौधरी अजित सिंह
1998 सोमपाल शास्त्री
1999 चौधरी अजित सिंह
2004 चौधरी अजित सिंह
2009 चौधरी अजित सिंह
2014 डॉ. सत्यपाल सिंह