{"_id":"5c1e90b8bdec2256f972b316","slug":"41545507000-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र छात्राओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र छात्राओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)। सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर एसोसिएशन, आर्य समाज बड़ौत तथा एस्रो के संयुक्त तत्वावधान में नवयुवकों के चरित्र निर्माण पर पारस पब्लिक स्कूल किशनपुर बराल में गोष्ठी की, इसमें वक्ताओं ने छात्र छात्राओं को नशे दूर करने की सलाह दी।
इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि वैदिक संस्कृति में मनुष्य की आयु 100 वर्ष मानी गई है। कहा कि सभी छात्र एवं छात्राएं वर्तमान में ब्रह्मचर्य आश्रम से गुजर रहे हैं। आपमें ब्रह्मचर्य के नियम विचार शुद्ध और पवित्र हों। हृदय में बुरी भावना उत्पन्न न हों। अच्छे सत्संगों में बैठना, सद् ग्रंथ का पालन करना, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर समुचित व्यायाम करना अच्छा है। उन्हाेंने छात्रों में बढ़ती नशा प्रवृत्ति की चर्चा कर नशे से दूर रहने की सलाह दी। डॉ. ओमवीर सिंह आर्य ने आर्य समाज पर प्रकाश डाला। एस्रो एसोसिएशन के संस्थापक संजय राणा ने वर्तमान में नवयुवकों के चरित्र निर्माण पर बल देकर कहा कि उन्हें वैदिक संस्कृति अपनानी चाहिए। इसमें योगेंद्र कुमार, सुमित कुमार, रविंद्र कुमार, अशोक कुमार, देवेंद्र का सहयोग रहा। वहीं छात्र शेखर शर्मा, प्रियांशी तोमर, निधि, सिमरन, शिवम, अजय कुमार को पुरस्कार प्रदान किए गए।
विज्ञापन
इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि वैदिक संस्कृति में मनुष्य की आयु 100 वर्ष मानी गई है। कहा कि सभी छात्र एवं छात्राएं वर्तमान में ब्रह्मचर्य आश्रम से गुजर रहे हैं। आपमें ब्रह्मचर्य के नियम विचार शुद्ध और पवित्र हों। हृदय में बुरी भावना उत्पन्न न हों। अच्छे सत्संगों में बैठना, सद् ग्रंथ का पालन करना, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर समुचित व्यायाम करना अच्छा है। उन्हाेंने छात्रों में बढ़ती नशा प्रवृत्ति की चर्चा कर नशे से दूर रहने की सलाह दी। डॉ. ओमवीर सिंह आर्य ने आर्य समाज पर प्रकाश डाला। एस्रो एसोसिएशन के संस्थापक संजय राणा ने वर्तमान में नवयुवकों के चरित्र निर्माण पर बल देकर कहा कि उन्हें वैदिक संस्कृति अपनानी चाहिए। इसमें योगेंद्र कुमार, सुमित कुमार, रविंद्र कुमार, अशोक कुमार, देवेंद्र का सहयोग रहा। वहीं छात्र शेखर शर्मा, प्रियांशी तोमर, निधि, सिमरन, शिवम, अजय कुमार को पुरस्कार प्रदान किए गए।
विज्ञापन