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समितियों के गोदाम में यूरिया, भटक रहे किसान

Tue, 13 Nov 2018 12:56 AM IST
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:56 AM IST
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समितियों के गोदाम में यूरिया, भटक रहे किसान
बागपत। चारे की फसलों और गन्ने की फसल की कटाई के बाद खाली हुए खेतों में किसानों ने गेहूं की बुआई शुरू कर दी है, लेकिन खाद का इंतजाम करने में किसानों को पसीने छूट रहे हैं। सहकारी समितियों के कर्मचारी हड़ताल पर है, जिस कारण यहां खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में गोदाम में खाद होने के बाद भी किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार को इसकी प्राथमिकता के हिसाब से व्यवस्था करनी चाहिए।
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अक्तूबर के आखिर और नवंबर की शुरूआत से ही किसान गेहूं की अगेती फसल की बुआई शुरू कर देते हैं। किसानों ने इसकी शुरूआत भी कर दी है, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण समस्या खड़ी हो गई है। असल में सहकारी समिति के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल चल रही है, जिस कारण समितियों पर खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। गोदामों में खाद उपलब्ध है, लेकिन हड़ताल के चलते इसका लाभ किसानों को नहीं हो रहा है। खाद लेने के लिए पहुंच रहे किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है। सहकारी समितियों के कर्मियों के हड़ताल पर होने के कारण यूरिया और डीएपी बाजार से खरीदने के लिए किसान मजबूर हैं। कर्मचारियों की हड़ताल इस महीने के आखिर तक खिंचने के आसार है, ऐसे में किसानों की समस्या बढ़ जाएगी।
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बागपत में हैं 36 समितियां
बागपत। किसानों को खाद वितरण के लिए जिले में 36 सहकारी समितियां हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण किया जाता है। सभी समितियों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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खाद की कमी नहीं, वितरण की समस्या
बागपत। प्रभारी एआर (सहकारिता) वेदप्रकाश का कहना है कि हड़ताल के चलते समस्या हैं। समितियों पर खाद की कोई कमी नहीं है। जल्द ही वितरण की व्यवस्था कराई जाएगी।


क्या कहते हैं किसान
बागपत। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि प्रशासन को खाद वितरण की व्यवस्था करनी चाहिए। कर्मचारियों की अपनी मांगे हैं, उन्हें गलत नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन किसान की समस्या का हल करना प्रशासन की जिम्मेदारी हैं।
सपा नेता सुरेंद्र पंवार का कहना है कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है। कर्मचारियों के हित में भी कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है और न ही किसानों के हित में कोई फैसला लिया जा रहा है।

रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना का कहना है कि खाद वितरण की शुरूआत होनी चाहिए। अपने खातों पर समितियों से किसान खाद उठाते हैं, ऐसे किसान परेशान हैं। यह प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी हैं।
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