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बाल लीलाओं के द्वारा भक्तों को आनंदित किया और दुष्टों का संहार किया
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:12 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज की धर्म बेटी बाल साध्वी राधा देवी जी ने कहा भगवान परमपिता परमात्मा भक्तों की प्रसन्नता हेतु और दुष्टों के संहार करने के लिए ब्रज मंडल में भगवान श्रीकृष्ण के रूप में आए और उन्होंने बाल लीलाओं से भक्तों को आनंदित किया और दुष्टों का संहार किया।
धनौरा सिल्वरनगर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को महारास और गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते बाल साध्वी राधा देवी जी ने कहा महारास आत्मा और परमात्मा का मिलन है। जब जीव अपने आप को भूल कर केवल और केवल परमात्मा में लीन हो जाता है, तो आत्मा मग्र होकर नृत्य करने लगती है। वहीं आत्मा और परमात्मा का मिलन महारास है। भगवान कृष्ण ने बाल अवस्था में अपने भक्तों को आनंद प्राप्त कराने के लिए महारास किया जो वृंदावन में आज भी भगवान पुण्य पुण्य आत्मा गोपियों के साथ रासलीला करते हैं। साध्वी जी ने भजनों के द्वारा श्रद्धालु भक्तों को भाव विभोर किया।
महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज की धर्म बेटी बाल साध्वी राधा देवी जी ने कहा भगवान परमपिता परमात्मा भक्तों की प्रसन्नता हेतु और दुष्टों के संहार करने के लिए ब्रज मंडल में भगवान श्रीकृष्ण के रूप में आए और उन्होंने बाल लीलाओं से भक्तों को आनंदित किया और दुष्टों का संहार किया।
धनौरा सिल्वरनगर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को महारास और गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते बाल साध्वी राधा देवी जी ने कहा महारास आत्मा और परमात्मा का मिलन है। जब जीव अपने आप को भूल कर केवल और केवल परमात्मा में लीन हो जाता है, तो आत्मा मग्र होकर नृत्य करने लगती है। वहीं आत्मा और परमात्मा का मिलन महारास है। भगवान कृष्ण ने बाल अवस्था में अपने भक्तों को आनंद प्राप्त कराने के लिए महारास किया जो वृंदावन में आज भी भगवान पुण्य पुण्य आत्मा गोपियों के साथ रासलीला करते हैं। साध्वी जी ने भजनों के द्वारा श्रद्धालु भक्तों को भाव विभोर किया।
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