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दूसरे दिन उतम मार्दव धर्म को अंगीकार किया

Sun, 16 Sep 2018 01:21 AM IST
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:21 AM IST
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दूसरे दिन उतम मार्दव धर्म को अंगीकार किया
बड़ौत (बागपत)। जैन अनुयायियों के दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन मंदिरों में उत्तम मार्दव धर्म को अंगीकार कर विशेष पूजा अर्चना की। रात को मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
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दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में जैन प्रत्यक्षमति माता के सानिध्य में दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन तेरह दीप महामंडल विधान में श्रद्धालुओं द्वारा चंद्र प्रभु भगवान का अभिषेक विधि-विधान पूर्वक किया। नित्य नियम व दशलक्षण धर्म की पूजा संगीत की मधुर धुनों के बीच भक्ति पूर्वक की । प. आशुतोष जैन ने तेरह दीप महामंडल विधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके अलावा दिगंबर जैन छोटा मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। दिगंबर जैन अतिथि भवन में नमोकार विधान का पाठ हुआ। दिगंबर जैन अतिथि भवन में दोपहर को पं. आशुतोष जैन द्वारा तत्वार्थ सूत्र की वाचना की गई। सायंकाल सभी मंदिरों में विशेष आरती व भजन के कार्यक्रम हुए। जैन बड़ा मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति किए गए। बड़ा जैन मंदिर मेें धार्मिक कवि सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें प्रवीण जैन, अतुल जैन सर्राफ नवीन जैन, विपिन जैन, रमेश जैन, शील चंद जैन, अमित जैन, प्रवीण जैन, अनुज जैन, आलोक मित्तल, अतुल जैन, विजय जैन, सतीश जैन, गौरव जैन, दिनेश जैन आदि का सहयोग रहा।
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अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दूसरे दिन मुनि सुरत्न सागर महाराज के सानिध्य में दशलक्षण महाविधान का आयोजन किया और उत्तम मार्दव धर्म को अंगीकार किया। प्रात: अजितनाथ भगवान की प्रतिमा का अभिषेक किया। शांति धारा का सौभाग्य सुरेश जैन को प्राप्त हुआ। ब्रहचारिणी मधु दीदी व सीमा दीदी के निर्देशन में नित्य नियम की पूजा की गई। विधान में देशशास्त्र गुरुपूजन, मुनि सुर्बदनाथ पूजन तथा 16 कर्ण की पूजा की गई। सौधर्म इंद्र द्वारा मंडल पर अर्ध्य समर्पित किए गए। आचार्य सुरत्न महाराज ने कहा कि सभी व्यक्तियों के अंत:करण में यह भाव रहता है कि लोग मेरा सम्मान करें। मेरे हर कार्य की प्रशंसा करें। मेरे पास जो ज्ञान व वैभव है, वह सर्वश्रेष्ठ है। इस प्रकार दुनिया के सभी व्यक्ति जिस धरातल पर खड़े होते हैं, उससे अपने आप को बहुत ऊपर समझने लगते है। इसी अहंकार के कारण आदमी पद और प्रतिष्ठा की अंधी दौड़ में शामिल हो जाता है जो उसे गहरे गर्त में धकेल देती है। इस अवसर पर सुभाष जैन, महेंद्र जैन, मुकेश जैन, वरदान जैन, प्रवीण जैन, प्रदीप जैन, अशोक जैन, मदनलाल जैन रहे। रात्रि में गुरु भक्ति व आरती हुई तथा उसके बाद जैन मिलन नगर के सौजन्य से माउंट लिटरा स्कूल के बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमेें संजय जैन, विकेश जैन, राजेश भारती, ओपी शर्मा, अनिल जैन व प्रवीण जैन का सहयोग रहा।
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श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व भक्ति पाठ पूर्वक मनाया जा रहा है। सागर महाराज मध्यप्रदेश से पधारे पं. राजकुमार शास्त्री, जैन दर्शणाचार्य द्वारा विधान पूजा अर्चना कराई। कमेटी के अध्यक्ष रमेश जैन जग्गी व मंत्री नवीन जैन बब्बल स्थानीय सधर्मी है। उनका मूलत: संयोग प्राप्त हो रहा है। रात्रि में संगीतमय आरती व भक्ति होती है। दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन मार्दव धर्म की पूजा हुई। इसमें अध्यक्ष रमेश चंद जैन, नवीन जैन, राजेश जैन, अनिल जैन, शरद, बालकिशन, सचिन, सतीश, ब्रिजेश, बालेश, महेश जैन आदि रहे।
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