{"_id":"5b2567244f1c1bfa6e8b8576","slug":"41529177892-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाव गिरे, किसानों को रूलाने लगी भिंड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाव गिरे, किसानों को रूलाने लगी भिंड़ी
Updated Sun, 17 Jun 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। गन्ने के बाद सब्जी को तरजीह देने वाले किसानों को मंडी में मंदी की मार रुलाने लगी है। सब्जी उत्पादक किसानों के सामने भिंड़ी के दाम मुसीबत बन गए हैं। दिल्ली मंडी में भाव 12 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं, जबकि लागत 20 रुपये प्रति किलो का अनुमान है। किसानों का कहना है कि उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले साल के सापेक्ष इस बार मंडी में भाव कम हैं।
जिले के डौला और अमीनगर सराय क्षेत्र में सब्जी उत्पादक किसानों ने भिंड़ी की फसल उगाई है। मेहनत के बाद फसल तैयार हुई, लेकिन मंडी भाव कम होने के कारण इस बार फसल घाटे का सौदा साबित हो रही है। डौला गांव के किसान अजय कुमार का कहना है कि उत्पादन लागत 20 रुपये प्रति किलो है, लेकिन मंडी में भाव सिर्फ 12 रुपये प्रति किलो ही मिल रहा है। ऐसे में उन्हें आठ रुपये प्रति किलो का घाटा उठाना पड़ रहा है। गांव के ही विनेश का कहना है कि पहली बार फसल बोई थी, लेकिन घाटा उठाना पड़ रहा है। फसल को तैयार करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
क्या है बाजार का हाल
बागपत। बाजार में भिंड़ी की कीमत शनिवार को 15 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। जबकि तीन दिन पहले तक भिंड़ी 10 से 12 रुपये प्रति किलो में ही बिक रही थी। सब्जी विक्रेता इमरान का कहना है कि भाव में दो दिन से उछाल आया है।
विज्ञापन
बेहतर तैयार करने में लागत अधिक
बागपत। डौला के किसान अजय कुमार का कहना है कि मंडी में अच्छी फसल की कीमत अधिक मिलती है। भिंड़ी को बीमारी से बचाने और बेहतर फसल के लिए किसान दवा का छिड़काव करते हैं। इस बार भाव कम मिलने से किसान की लागत भी पूरी नहीं होगी।
निम्न क्षेत्र में हो रही है भिंड़ी की खेती
बागपत। क्षेत्र के डौला, मीतली, हिसावदा, बरसिया सहित कई गांवों में करीब 450 बीघा में किसान भिंड़ी की खेती कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिले के डौला और अमीनगर सराय क्षेत्र में सब्जी उत्पादक किसानों ने भिंड़ी की फसल उगाई है। मेहनत के बाद फसल तैयार हुई, लेकिन मंडी भाव कम होने के कारण इस बार फसल घाटे का सौदा साबित हो रही है। डौला गांव के किसान अजय कुमार का कहना है कि उत्पादन लागत 20 रुपये प्रति किलो है, लेकिन मंडी में भाव सिर्फ 12 रुपये प्रति किलो ही मिल रहा है। ऐसे में उन्हें आठ रुपये प्रति किलो का घाटा उठाना पड़ रहा है। गांव के ही विनेश का कहना है कि पहली बार फसल बोई थी, लेकिन घाटा उठाना पड़ रहा है। फसल को तैयार करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
क्या है बाजार का हाल
बागपत। बाजार में भिंड़ी की कीमत शनिवार को 15 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। जबकि तीन दिन पहले तक भिंड़ी 10 से 12 रुपये प्रति किलो में ही बिक रही थी। सब्जी विक्रेता इमरान का कहना है कि भाव में दो दिन से उछाल आया है।
विज्ञापन
बेहतर तैयार करने में लागत अधिक
बागपत। डौला के किसान अजय कुमार का कहना है कि मंडी में अच्छी फसल की कीमत अधिक मिलती है। भिंड़ी को बीमारी से बचाने और बेहतर फसल के लिए किसान दवा का छिड़काव करते हैं। इस बार भाव कम मिलने से किसान की लागत भी पूरी नहीं होगी।
निम्न क्षेत्र में हो रही है भिंड़ी की खेती
बागपत। क्षेत्र के डौला, मीतली, हिसावदा, बरसिया सहित कई गांवों में करीब 450 बीघा में किसान भिंड़ी की खेती कर रहे हैं।