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खंडहर में चल रहा है पशु अस्पताल
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:12 AM IST
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दोघट (बागपत)।
पशु चिकित्सालय दोघट का भवन खंडहर हो चुका है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल में पशु चिकित्सक नहीं आते हैं और महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे पशु चिकित्सालय चल रहा है। पशु पालकों के अनुसार अस्पताल का भवन कभी भी गिर सकता है। उन्होंने कहा जिला स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण गांव में अस्पताल होने के बाद पशु पालकों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इससे पशु पालकों में सरकार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है, लोगों का गुस्सा कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।
दोघट में पशु अस्पताल के भवन का निर्माण 100 वर्ष पहले हुआ था। अब अस्पताल भवन खंडहर में तब्दील हो गया है, लेकिन पशु अस्पताल खंडहर न चुके भवन में चल रहा है। अस्पताल का भवन किसी भी समय गिर सकता है। अस्पताल में महिला पशु चिकित्साधिकारी तैनात है, लेकिन वे भी नहीं आती है। पशु पालक अपने पशुओं का इलाज कराने के लिए अस्पताल आते हैं। पशु चिकित्सक के नहीं मिलने के कारण मायूस होकर लौटना पड़ता है। पशु पालकों को मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सकों से पशु का इलाज कराना पड़ रहा है। पशु पालकों के अनुसार पशु अस्पताल को महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही चल रही है। अस्पताल के प्रांगण में गोबर डाला जाता है। दोघट के पूर्व चेयरमैन हरबीर सिंह ने कहा पशु अस्पताल दोघट में पहले पूरे क्षेत्र के पशुओं का इलाज होता था। यहां पर भरपूर स्टाफ रहता था और पशु पालकों को सुविधाएं मिलती थी, लेकिन अब विभागीय अफसरों की उपेक्षा खामियाजा पशु पालकों को भुगतना पड़ रह है। दोघट के ही सुखपाल सिंह, देवेंद्र, तेजवीर आदि ने कहा डीएम को हस्तक्षेप कर पशु पालकों को सुविधा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल का नया भवन बन कर तैयार है। उसकी चहारदीवारी नहीं हुई है। भवन को अभी तक विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया है। इस कारण अस्पताल को पुराने में भवन में चलाना पड़ रहा है।
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पशु चिकित्सालय दोघट का भवन खंडहर हो चुका है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल में पशु चिकित्सक नहीं आते हैं और महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे पशु चिकित्सालय चल रहा है। पशु पालकों के अनुसार अस्पताल का भवन कभी भी गिर सकता है। उन्होंने कहा जिला स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण गांव में अस्पताल होने के बाद पशु पालकों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इससे पशु पालकों में सरकार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है, लोगों का गुस्सा कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।
दोघट में पशु अस्पताल के भवन का निर्माण 100 वर्ष पहले हुआ था। अब अस्पताल भवन खंडहर में तब्दील हो गया है, लेकिन पशु अस्पताल खंडहर न चुके भवन में चल रहा है। अस्पताल का भवन किसी भी समय गिर सकता है। अस्पताल में महिला पशु चिकित्साधिकारी तैनात है, लेकिन वे भी नहीं आती है। पशु पालक अपने पशुओं का इलाज कराने के लिए अस्पताल आते हैं। पशु चिकित्सक के नहीं मिलने के कारण मायूस होकर लौटना पड़ता है। पशु पालकों को मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सकों से पशु का इलाज कराना पड़ रहा है। पशु पालकों के अनुसार पशु अस्पताल को महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही चल रही है। अस्पताल के प्रांगण में गोबर डाला जाता है। दोघट के पूर्व चेयरमैन हरबीर सिंह ने कहा पशु अस्पताल दोघट में पहले पूरे क्षेत्र के पशुओं का इलाज होता था। यहां पर भरपूर स्टाफ रहता था और पशु पालकों को सुविधाएं मिलती थी, लेकिन अब विभागीय अफसरों की उपेक्षा खामियाजा पशु पालकों को भुगतना पड़ रह है। दोघट के ही सुखपाल सिंह, देवेंद्र, तेजवीर आदि ने कहा डीएम को हस्तक्षेप कर पशु पालकों को सुविधा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल का नया भवन बन कर तैयार है। उसकी चहारदीवारी नहीं हुई है। भवन को अभी तक विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया है। इस कारण अस्पताल को पुराने में भवन में चलाना पड़ रहा है।
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