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अंग्रेजी भाषा हमारी दूसरी मातृभाषा है
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:44 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में सोमवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया । इसमें अंग्रेजी बोलने के लिए छात्राओं को टिप्स दिए।
आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. अनिता जैन, डॉ. प्रवित्रा खत्री और डॉ. आंचल जैन ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला में डॉ. आंचल जैन ने कम्यूनिकेशन स्किल एंड लैंग्वेज नामक विषय पर विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी बोलने के लिए कम्यूनिकेशन स्किल आवश्यक है। कम्यूनिकेशन के चार आयाम हैं। इसमें लर्निंग, स्पीकिंग, रीडिंग और राइटिंग है। यदि हम अंग्रेजी बोलने में पारंगत होना चाहते हैं तो हमें इन चारों आयामों का निरंतर अभ्यास करना होगा। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी भाषा हमारी दूसरी मातृभाषा है, क्योंकि जिन क्षेत्रों में हिंदी नहीं बोली जाती है वहां संवाद के लिए अंग्रेजी भाषा ही सर्वोत्तम माध्यम है। संचालन डॉ. मंजू शर्मा ने किया।
जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में सोमवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया । इसमें अंग्रेजी बोलने के लिए छात्राओं को टिप्स दिए।
आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. अनिता जैन, डॉ. प्रवित्रा खत्री और डॉ. आंचल जैन ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला में डॉ. आंचल जैन ने कम्यूनिकेशन स्किल एंड लैंग्वेज नामक विषय पर विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी बोलने के लिए कम्यूनिकेशन स्किल आवश्यक है। कम्यूनिकेशन के चार आयाम हैं। इसमें लर्निंग, स्पीकिंग, रीडिंग और राइटिंग है। यदि हम अंग्रेजी बोलने में पारंगत होना चाहते हैं तो हमें इन चारों आयामों का निरंतर अभ्यास करना होगा। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी भाषा हमारी दूसरी मातृभाषा है, क्योंकि जिन क्षेत्रों में हिंदी नहीं बोली जाती है वहां संवाद के लिए अंग्रेजी भाषा ही सर्वोत्तम माध्यम है। संचालन डॉ. मंजू शर्मा ने किया।