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आम बजट में लोगों को मिली राहत
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:12 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के आम बजट से लोग खुश है। उनका कहना है कि बजट में हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है।
डॉ. सचिन वर्मा का कहना है कि आम बजट में शिक्षा एवं रोजगार पर ध्यान दिया। इससे छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा मिलेगी और बेरोजगारों को रोजगार मिलेंगे। गृहणी ब्रहम कोर और विपिन डबास का कहना है कि आम बजट में महिला के विकास पर ध्यान दिया गया है। यह सरकार का अच्छा कदम है। डॉ. रामावतार गर्ग का कहना है कि यह बजट लोक लुभावन के साथ-साथ गांवों में नए सुधार लोन वाला बजट है। बजट में वेतनभोगी कर्मचारियों को 40 हजार वैधानिक कटौती देकर एक बड़ी राहत दी है क्योंकि सबसे अधिक करदाता वेतनभोगी है।
नगर निवासी अमित शर्मा और कर्मवीर सिंह का कहना है कि सरकार के आम बजट में ग्रामीण इलाकों में गरीबी उन्मूलन और बुनियादी ढांचे पर खर्च करने पर जोर देने से ग्रामीण क्षेत्र में खुशहाली बढे़गी और किसानों को भी इसका काफी फायदा होगा। मनोज तोमर का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा योजना मोदी सरकार की ओर से सबसे बड़ा तोहफा है। इससे 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक कैश लेश इलाज की सुविधा मिलेगा।
डॉ. जय कुमार सरोहा का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर मरहम लगाने की कोशिश की, लेकिन कृषि पर बजट मेें थोड़ा कम ध्यान दिया, क्योंकि उपज तो बढ़ रही है, लेकिन दाम घट रहे हैं। युवा कृषि से पलायन कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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मास्टर संजीव आर्य का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज पर पहले छूट 10 हजार रुपये तक थी, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। यह छूट केवल बचत खाते पर ना होकर आवृत्ति जमा आदि पर भी दी गई है।
व्यापारी आकाश चौधरी का कहना है कि नोट बंदी और जीएसटी के बाद टैक्स पर कोई छूट नहीं दी। इससे व्यापारियों में खासी नाराजगी है। अमित वर्मा ने कहा वरिष्ठ नागरिकों की बीमारियों पर एक लाख रुपये तक के खर्च पर छूट अच्छा कदम है।
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केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के आम बजट से लोग खुश है। उनका कहना है कि बजट में हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है।
डॉ. सचिन वर्मा का कहना है कि आम बजट में शिक्षा एवं रोजगार पर ध्यान दिया। इससे छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा मिलेगी और बेरोजगारों को रोजगार मिलेंगे। गृहणी ब्रहम कोर और विपिन डबास का कहना है कि आम बजट में महिला के विकास पर ध्यान दिया गया है। यह सरकार का अच्छा कदम है। डॉ. रामावतार गर्ग का कहना है कि यह बजट लोक लुभावन के साथ-साथ गांवों में नए सुधार लोन वाला बजट है। बजट में वेतनभोगी कर्मचारियों को 40 हजार वैधानिक कटौती देकर एक बड़ी राहत दी है क्योंकि सबसे अधिक करदाता वेतनभोगी है।
नगर निवासी अमित शर्मा और कर्मवीर सिंह का कहना है कि सरकार के आम बजट में ग्रामीण इलाकों में गरीबी उन्मूलन और बुनियादी ढांचे पर खर्च करने पर जोर देने से ग्रामीण क्षेत्र में खुशहाली बढे़गी और किसानों को भी इसका काफी फायदा होगा। मनोज तोमर का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा योजना मोदी सरकार की ओर से सबसे बड़ा तोहफा है। इससे 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक कैश लेश इलाज की सुविधा मिलेगा।
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डॉ. जय कुमार सरोहा का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर मरहम लगाने की कोशिश की, लेकिन कृषि पर बजट मेें थोड़ा कम ध्यान दिया, क्योंकि उपज तो बढ़ रही है, लेकिन दाम घट रहे हैं। युवा कृषि से पलायन कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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मास्टर संजीव आर्य का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज पर पहले छूट 10 हजार रुपये तक थी, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। यह छूट केवल बचत खाते पर ना होकर आवृत्ति जमा आदि पर भी दी गई है।
व्यापारी आकाश चौधरी का कहना है कि नोट बंदी और जीएसटी के बाद टैक्स पर कोई छूट नहीं दी। इससे व्यापारियों में खासी नाराजगी है। अमित वर्मा ने कहा वरिष्ठ नागरिकों की बीमारियों पर एक लाख रुपये तक के खर्च पर छूट अच्छा कदम है।