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जांच के लिए गठित टीमें ही गांव नहीं पहुंची
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:43 AM IST
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जांच के लिए गठित टीमें ही गांव नहीं पहुंची
बागपत। करोड़ों की लागत से संचालित हुई पाइप पेयजल परियोजना गांवों में धड़ाम हो गई है। सीडीओ ने जांच पड़ताल के लिए अफसरों की टीम तैयार की, लेकिन टीम जांच के लिए गांवों में नहीं पहुंची। इस पर सीडीओ ने आदेशों का पालन न करने पर नाराजगी जाहिर की।
करोड़ों की लागत से तैयार हुई पानी की टंकी आज कूड़ाघर बन रही। कहीं, ऑपरेटर के कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है, तो कहीं घटिया सामग्री के कारण पाइप फटे हुए हैं। इसी तरह की शिकायतें सीडीओ चांदनी सिंह को ग्रामीणों ने की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए जिले के अफसरों एक टीम तैयार कराई, जिसमें सभी बीडीओ, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला बचत अधिकारी, प्राचार्य क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्था बड़ौत, भूमि संरक्षण अधिकारी को शामिल किया। उनके साथ जल निगम के अवर अभियंता को भी जोड़ा गया। परियोजना की जांच पड़ताल कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। टीम के इन अफसरों ने 15 दिन से अधिक बीतने के बाद भी न तो निरीक्षण और न ही सत्यापन रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराई। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की। चेतावनी दी शीघ्र गांवों में परियोजना का सत्यापन और निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई तो कार्रवाई होगी। लापरवाह अफसरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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बागपत। करोड़ों की लागत से संचालित हुई पाइप पेयजल परियोजना गांवों में धड़ाम हो गई है। सीडीओ ने जांच पड़ताल के लिए अफसरों की टीम तैयार की, लेकिन टीम जांच के लिए गांवों में नहीं पहुंची। इस पर सीडीओ ने आदेशों का पालन न करने पर नाराजगी जाहिर की।
करोड़ों की लागत से तैयार हुई पानी की टंकी आज कूड़ाघर बन रही। कहीं, ऑपरेटर के कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है, तो कहीं घटिया सामग्री के कारण पाइप फटे हुए हैं। इसी तरह की शिकायतें सीडीओ चांदनी सिंह को ग्रामीणों ने की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए जिले के अफसरों एक टीम तैयार कराई, जिसमें सभी बीडीओ, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला बचत अधिकारी, प्राचार्य क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्था बड़ौत, भूमि संरक्षण अधिकारी को शामिल किया। उनके साथ जल निगम के अवर अभियंता को भी जोड़ा गया। परियोजना की जांच पड़ताल कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। टीम के इन अफसरों ने 15 दिन से अधिक बीतने के बाद भी न तो निरीक्षण और न ही सत्यापन रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराई। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की। चेतावनी दी शीघ्र गांवों में परियोजना का सत्यापन और निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई तो कार्रवाई होगी। लापरवाह अफसरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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