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Baghpat News: सेवानिवृत्त हुईं 32 आंगनबाड़ी व सहायिकाएं, शासन से जारी हो रहा मानदेय
Sun, 02 Feb 2025 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:46 AM IST
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बागपत। जिला कार्यक्रम विभाग से 32 से अधिक आंगनबाड़ी व सहायिकाएं सेवानिवृत्त हो चुकीं हैं, लेकिन अभी तक शासन से उनका वेतन जारी हो रहा है। दो साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद भी शासन के पोर्टल से अभी तक उनके नाम नहीं हटाए गए हैं। ऐसे में शासन से मानदेय जारी किया जा रहा है जो जिले में खाते में जमा हो रहा है।
जिले में 32 से अधिक ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं हैं जो सेवानिवृत्त हो चुकीं हैं, लेकिन शासन की फाइलों में आज भी कार्यक्रम विभाग में नौकरी कर रहीं हैं। इसका पता जब चला तब शासन ने पोर्टल खोला तो सेवानिवृत्त कर्मियों का नाम सामने आया है और उनके लिए शासन से मानदेय भी जारी हो रहा था। सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं की सूची निकालने के बाद विभाग को भेजी गई। विभाग ने जब जांच कराई तो पता चला कि इनमें कई एक साल पहले तो कई दो साल पहले सेवानिवृत्त हो चुकीं हैं।
इनमें नीलम गांधी, कुसुमलता, मिथलेश, नीलम, गीता, सुनीता, शीला, उषा रानी, कमलेश, उषा देवी, रजनी, शकुंतला, मुनेश, उषा रानी, पुष्पा, राजबाला, मिथलेश आदि कार्यकर्ता शामिल हैं। शासन से इन सभी का वेतन भी विभाग के पास आ रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं को यह मिला नहीं है। यह सिर्फ विभाग के खाते में ही पहुंचा है। अब विभाग ने इनका नाम हटाने के लिए फाइल बनाकर शासन को सूची भेज दी है।
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- वर्जन : सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकर्ताओं का नाम पोर्टल पर दर्ज होने की जानकारी मिली है। इनका नाम हटवाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। यह नाम इसलिए दर्ज है, क्योंकि इनका एरियर अभी तक जारी नहीं किया गया है। - नागेंद्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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जिले में 32 से अधिक ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं हैं जो सेवानिवृत्त हो चुकीं हैं, लेकिन शासन की फाइलों में आज भी कार्यक्रम विभाग में नौकरी कर रहीं हैं। इसका पता जब चला तब शासन ने पोर्टल खोला तो सेवानिवृत्त कर्मियों का नाम सामने आया है और उनके लिए शासन से मानदेय भी जारी हो रहा था। सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं की सूची निकालने के बाद विभाग को भेजी गई। विभाग ने जब जांच कराई तो पता चला कि इनमें कई एक साल पहले तो कई दो साल पहले सेवानिवृत्त हो चुकीं हैं।
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इनमें नीलम गांधी, कुसुमलता, मिथलेश, नीलम, गीता, सुनीता, शीला, उषा रानी, कमलेश, उषा देवी, रजनी, शकुंतला, मुनेश, उषा रानी, पुष्पा, राजबाला, मिथलेश आदि कार्यकर्ता शामिल हैं। शासन से इन सभी का वेतन भी विभाग के पास आ रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं को यह मिला नहीं है। यह सिर्फ विभाग के खाते में ही पहुंचा है। अब विभाग ने इनका नाम हटाने के लिए फाइल बनाकर शासन को सूची भेज दी है।
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- वर्जन : सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकर्ताओं का नाम पोर्टल पर दर्ज होने की जानकारी मिली है। इनका नाम हटवाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। यह नाम इसलिए दर्ज है, क्योंकि इनका एरियर अभी तक जारी नहीं किया गया है। - नागेंद्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी