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भड़ल में चर्म शोधन इकाइयां चलती मिलीं
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:28 AM IST
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दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चर्म शोधन इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के नोटिस देने के बाद भी इकाइयों का संचालन हो रही है। एसडीएम ने गांव में राजस्व टीम भेजकर जांच कराई तो इकाइयां चलती मिली। टीम उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजेगी।
भड़ल गांव में संचालित 87 चर्म शोधन इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने एवं 50-50 हजार रुपये जुर्माना उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा करने के लिए नोटिस दिए। सक्षम अधिकारी को इकाइयों को मिलने वाली बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं को भी बंद करने के निर्देश दिए, लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी इकाइयां बंद नहीं की गई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत डीएम बागपत से की। डीएम ने एसडीएम बड़ौत को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सोमवार को एसडीएम आशीष कुमार ने कानूनगो दीपक कुमार, कृष्णपाल, लेखपाल सहेंद्र एवं एसआई भगवत सिंह को गांव भेजकर जांच कराई। टीम को चर्म शोधन इकाइयां चलती मिली। नालियों में इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी बह रहा था। कानूनगो दीपक कुमार ने बताया कि नोटिस के बाद भी इकाइयां चल रही है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। एसडीएम आशीष कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
दोघट। भड़ल गवा में कालू राम के आवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि गांव में चल रही चर्म शोधन इकाइयों को बंद कराने के लिए ग्रामीणों ने तीन महीने तक धरना दिया। प्रशासन ने आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया। इसके बाद भी इकाइयां चल रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। चेतावनी दी कि यदि इकाइयों को बंद नहीं कराया तो जल्दी ही पंचायत कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सुखबीर, मास्टर आनंद पाल, कालू, मनोज, जितेंद्र राणा, रमेश, कल्लू, प्रेम, कृष्णपाल, यशपाल, केश पाल, कपिल, प्रविंद्र, उदयवीर, सुरेश, बिल्लू प्रधान आदि रहे।
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भड़ल गांव में संचालित 87 चर्म शोधन इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने एवं 50-50 हजार रुपये जुर्माना उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा करने के लिए नोटिस दिए। सक्षम अधिकारी को इकाइयों को मिलने वाली बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं को भी बंद करने के निर्देश दिए, लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी इकाइयां बंद नहीं की गई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत डीएम बागपत से की। डीएम ने एसडीएम बड़ौत को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सोमवार को एसडीएम आशीष कुमार ने कानूनगो दीपक कुमार, कृष्णपाल, लेखपाल सहेंद्र एवं एसआई भगवत सिंह को गांव भेजकर जांच कराई। टीम को चर्म शोधन इकाइयां चलती मिली। नालियों में इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी बह रहा था। कानूनगो दीपक कुमार ने बताया कि नोटिस के बाद भी इकाइयां चल रही है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। एसडीएम आशीष कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
दोघट। भड़ल गवा में कालू राम के आवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि गांव में चल रही चर्म शोधन इकाइयों को बंद कराने के लिए ग्रामीणों ने तीन महीने तक धरना दिया। प्रशासन ने आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया। इसके बाद भी इकाइयां चल रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। चेतावनी दी कि यदि इकाइयों को बंद नहीं कराया तो जल्दी ही पंचायत कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सुखबीर, मास्टर आनंद पाल, कालू, मनोज, जितेंद्र राणा, रमेश, कल्लू, प्रेम, कृष्णपाल, यशपाल, केश पाल, कपिल, प्रविंद्र, उदयवीर, सुरेश, बिल्लू प्रधान आदि रहे।
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