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हिसावदा गांव में बिना टेंडर के करा दिए लाखों के कार्य
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:57 AM IST
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अमीनगर सराय (बागपत)। हिसावदा में ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर विकास कार्यों में लाखों का खेल करने का मामला उजागर हुआ है। बिना टेंडर के ही विकास कार्य करा दिए गए है। गांव के लोगों की शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ बीडीओ पिलाना अंनपूर्णा गर्ग ने जांच के निर्देश दिए हैं।
बिहार के राज्यपाल सतपाल सिंह के पैतृक गांव हिसावदा में भ्रष्टाचार का खेल सामने आया है। हिसावदा गांव के प्रधान और सचिव ने साथ मिलकर अपने चहेते ठेकेदारों से लाखों रुपये की कीमत के दर्जन भर से अधिक कार्य बिना टेंडर के ही एडवांस में करा दिए। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब एक दैनिक समाचार पत्र में 13 फरवरी को ग्राम पंचायत हिसावदा के 19 कार्य कराने के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया। इसमें टेंडर लेने की अंतिम तिथि 22 फरवरी निर्धारित की । क्षेत्र के कुछ ठेकेदार जब टेंडर के लिये ब्लॉक पहुंचे और ग्राम सचिव से मिलने का प्रयास किया तो उसने उनके टेंडर ही जमा नहीं किए। बाद में उन्हें पता चला कि ये काम ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने पहले ही अपने चहेते ठेकेदारों से करवा लिए हैं। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत पिलाना बीडीओ से की है। मामले का खुलासा होते ही ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव में हड़कंप मच गया और आनन फानन में टेंडर निरस्त कर दिया। अब सवाल उठता है कि जब टेंडर ही निरस्त हो गया तो ये सब काम कैसे करवा दिए। बीडीओ अन्न पूर्णा र्ग ने कहा कि उन्हें कुछ लोगों ने शिकायत की है मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए एडीओ को जांच सौंपी है। उधर ग्राम प्रधान पति उत्तर कुमार का कहना है कि टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं और जो कार्य गांव में हुए है यह सभी मस्टररोल से कराए गए हैं। गांव में किसी भी तरह से नियम विरुद्ध कार्य नहीं हुआ है।
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बिहार के राज्यपाल सतपाल सिंह के पैतृक गांव हिसावदा में भ्रष्टाचार का खेल सामने आया है। हिसावदा गांव के प्रधान और सचिव ने साथ मिलकर अपने चहेते ठेकेदारों से लाखों रुपये की कीमत के दर्जन भर से अधिक कार्य बिना टेंडर के ही एडवांस में करा दिए। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब एक दैनिक समाचार पत्र में 13 फरवरी को ग्राम पंचायत हिसावदा के 19 कार्य कराने के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया। इसमें टेंडर लेने की अंतिम तिथि 22 फरवरी निर्धारित की । क्षेत्र के कुछ ठेकेदार जब टेंडर के लिये ब्लॉक पहुंचे और ग्राम सचिव से मिलने का प्रयास किया तो उसने उनके टेंडर ही जमा नहीं किए। बाद में उन्हें पता चला कि ये काम ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने पहले ही अपने चहेते ठेकेदारों से करवा लिए हैं। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत पिलाना बीडीओ से की है। मामले का खुलासा होते ही ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव में हड़कंप मच गया और आनन फानन में टेंडर निरस्त कर दिया। अब सवाल उठता है कि जब टेंडर ही निरस्त हो गया तो ये सब काम कैसे करवा दिए। बीडीओ अन्न पूर्णा र्ग ने कहा कि उन्हें कुछ लोगों ने शिकायत की है मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए एडीओ को जांच सौंपी है। उधर ग्राम प्रधान पति उत्तर कुमार का कहना है कि टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं और जो कार्य गांव में हुए है यह सभी मस्टररोल से कराए गए हैं। गांव में किसी भी तरह से नियम विरुद्ध कार्य नहीं हुआ है।
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