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नेपाल में अपने परिजनों से मिलेगा रोशन
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:20 AM IST
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बागपत। कई महीने पहले नेपाल से भटक कर बागपत पहुंचा मासूम बालक रोशन जल्दी ही अपने परिजनों से मिल सकेगा। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने राजकीय बाल गृह किशोर मेरठ के अधीक्षक को रोशन को नेपाली दूतावास के माध्यम से स्वदेश भेजने का आदेश दिया है।
खेकड़ा पुलिस ने डूंडाहेडा आश्रम से 12 वर्षीय एक बालक को बरामद कर उसे न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया । न्यायपीठ ने बच्चे को मेरठ के राजकीय बाल गृह किशोर में भेजा। न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी डॉ. कुलदीप त्यागी ने बताया कि राजकीय बाल गृह भेजने के बाद से ही बच्चे के घर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था। न्यायपीठ ने कई बार राजकीय बाल गृह का दौरा करके बच्चे से उसके घर का पता जानने का प्रयास किया। सीडब्ल्यूसी का यह प्रयास रंग लाया और रोशन ने पूछताछ में बताया कि नेपाल में स्थित गुमथाला गांव का रहने वाला है और गांव में उसके दादा व अन्य परिजन रहते हैं। इसके बाद सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ. कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत बाल हित को सर्वोत्तम माना और रोशन को पुलिस सुरक्षा में नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास के माध्यम से नेपाल स्थित उसके घर भिजवाने का आदेश दिया है। न्यायपीठ का कहना है कि इससे पहले भी बिहार की दो बच्चियों को उनके गृह राज्य की राजधानी पटना भिजवाने के आदेश किए जा चुके हैं। अधिनियम में बच्चों को उनके गृह राज्य या जनपद में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसमें राजकीय बाल गृह के अधीक्षक को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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खेकड़ा पुलिस ने डूंडाहेडा आश्रम से 12 वर्षीय एक बालक को बरामद कर उसे न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया । न्यायपीठ ने बच्चे को मेरठ के राजकीय बाल गृह किशोर में भेजा। न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी डॉ. कुलदीप त्यागी ने बताया कि राजकीय बाल गृह भेजने के बाद से ही बच्चे के घर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था। न्यायपीठ ने कई बार राजकीय बाल गृह का दौरा करके बच्चे से उसके घर का पता जानने का प्रयास किया। सीडब्ल्यूसी का यह प्रयास रंग लाया और रोशन ने पूछताछ में बताया कि नेपाल में स्थित गुमथाला गांव का रहने वाला है और गांव में उसके दादा व अन्य परिजन रहते हैं। इसके बाद सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ. कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत बाल हित को सर्वोत्तम माना और रोशन को पुलिस सुरक्षा में नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास के माध्यम से नेपाल स्थित उसके घर भिजवाने का आदेश दिया है। न्यायपीठ का कहना है कि इससे पहले भी बिहार की दो बच्चियों को उनके गृह राज्य की राजधानी पटना भिजवाने के आदेश किए जा चुके हैं। अधिनियम में बच्चों को उनके गृह राज्य या जनपद में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसमें राजकीय बाल गृह के अधीक्षक को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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