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बरनावा टीले के मामले में सुनवाई एक दिल टली
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:08 AM IST
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बागपत। बरनावा में लाक्षागृह बताए जाने वाले टीले के क्षेत्र की जमीन को लेकर पिछले 47 साल से चल रहे मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
बरनावा में खसरा संख्या 3377, जिसका रकबा करीब 36 बीघे है। बरनावा में लाक्षागृह क्षेत्र की इस जमीन को कब्रिस्तान की बताते हुए 1970 में अदालती लड़ाई शुरू हुई थी। वादी खालिद खां के अधिवक्ता शाहिद अली ने बताया कि सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम में यह प्रकरण चल रहा है। सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हुई। प्रकरण की सुनवाई अब मंगलवार को होगी। वादी पक्ष की गवाही हो चुकी है, अब दूसरे पक्ष की गवाही होनी है। कई बार जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव भी बन चुका है।
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बरनावा में खसरा संख्या 3377, जिसका रकबा करीब 36 बीघे है। बरनावा में लाक्षागृह क्षेत्र की इस जमीन को कब्रिस्तान की बताते हुए 1970 में अदालती लड़ाई शुरू हुई थी। वादी खालिद खां के अधिवक्ता शाहिद अली ने बताया कि सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम में यह प्रकरण चल रहा है। सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हुई। प्रकरण की सुनवाई अब मंगलवार को होगी। वादी पक्ष की गवाही हो चुकी है, अब दूसरे पक्ष की गवाही होनी है। कई बार जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव भी बन चुका है।
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