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जिले में हो रहा बाल अधिकारों का हनन
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:18 AM IST
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बागपत। आरटीआई से मांगी सूचना से विभागों की पोल खुल गई है। 20 वर्षों से पुलिस ने एक भी स्कूल वाहन की चेकिंग नहीं की। किसी एक भी गाड़ी का चालान नहीं किया। उपसंभागीय परिवहन विभाग के पास फिटनेस का कोई रिकार्ड नहीं है। इसका खुलासा आरटीआई और बाल संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी की सूचना का अधिकार अधिनियम से मांगी जानकारी से हुआ है। उन्होंने बताया स्कूली वाहनों पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग से सूचना मांगी तो उन्होंने जवाब दिया यह कार्य एआरटीओ का है। यह ही जवाब स्वास्थ्य विभाग ने दिया। पुलिस ने बच्चे के गुम होने की एक भी रिपोर्ट जिला विधि सेवा प्राधिकरण को नहीं दी। आज तक कोई बाल मित्र नहीं बनाया। दो सामाजिक कार्यकर्ताओं की नियुक्त नहीं की। उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, थाने में बाल सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित अधिकारियों के नाम आज तक भी प्रदर्शित नहीं किए हैं। पवन तिवारी ने बताया कि इस संबंध में जल्द हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।
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