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40 हजार किसानों को भेजा एसएमएस, फसल अवशेष न जलाए
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:50 AM IST
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बागपत। एनजीटी के सख्त रुख के बाद भी कृषक खेतों में फसलों के अवशेष जला रहे हैं। जुर्माना तक लगाने के आदेश दिए हैं। उप कृषि निदेशक ने 40 हजार कृषकों को एसएमएस से फसलों के अवशेष न जलाने और फायदों को बताया गया है।
धान और गन्ने से बचने वाले अवशेष को कृषकों खेतों में जलाते हैं। इससे पर्यावरण को तो नुकसान होता ही है, उसके साथ-साथ जमीन को उपजाऊ बनाने वाले मित्र कीट भी मर जाते हैं। कृषि विभाग किसानों को अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक कर रहा है, लेकिन इसका असर नहीं हो रहा है।
एनजीटी के आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है। कृषि विभाग के अफसरों ने कॉलर आइडी पर जागरूकता का मैसेज दिया जा रहा है। इसके अलावा जिले के 40000 किसानों को एसएमएस भेजा है। चेतावनी दी ढाई एकड़ पर ढाई हजार, उसके ऊपर पांच हजार, पांच एकड़ से अधिक होने पर 15 हजार का जुर्माना है। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 40 हजार से अधिक किसानों को एसएमएस भेजा जा चुका है। कंट्रोल रूम भी बनाया है। शिकायत मिलने पर कृषकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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धान और गन्ने से बचने वाले अवशेष को कृषकों खेतों में जलाते हैं। इससे पर्यावरण को तो नुकसान होता ही है, उसके साथ-साथ जमीन को उपजाऊ बनाने वाले मित्र कीट भी मर जाते हैं। कृषि विभाग किसानों को अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक कर रहा है, लेकिन इसका असर नहीं हो रहा है।
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एनजीटी के आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है। कृषि विभाग के अफसरों ने कॉलर आइडी पर जागरूकता का मैसेज दिया जा रहा है। इसके अलावा जिले के 40000 किसानों को एसएमएस भेजा है। चेतावनी दी ढाई एकड़ पर ढाई हजार, उसके ऊपर पांच हजार, पांच एकड़ से अधिक होने पर 15 हजार का जुर्माना है। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 40 हजार से अधिक किसानों को एसएमएस भेजा जा चुका है। कंट्रोल रूम भी बनाया है। शिकायत मिलने पर कृषकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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