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भगवान के नाम का जप करने से दूर होते हैं कष्ट
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:34 AM IST
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भगवान के नाम का जप करने से दूर होते हैं कष्ट
बागपत। साध्वी राधा देवी ने राम नाम की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा जो मनुष्य संसार के काम करता हुआ, भगवान नाम का जप करता है निश्चित ही भगवान नाम का जप करते हुए उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
बाबा जानकी दास मंदिर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में उन्होंने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया राजा संत और महात्माओं को बहुत अच्छी प्रकार से सेवा करते थे। सेवा ही उनका परमोधर्म था एक बार महाराज परीक्षित वन विहार कर रहे थे, तभी वन में मार्ग भटक गए, सारी सेना उनसे अलग हो गई। वह बहुत थक गए थे। एक आश्रम में गए, इसमें साधु साधना में बैठे थे। वहां आदर और सत्कार नहीं मिला तो कलयुग का प्रभाव होने के कारण महाराज परीक्षित में मुनि के ऊपर एक मरा हुआ सांप डाल दिया। जिस समय राजा परीक्षित ने अपने सर से मुकुट को उतारा, उसी दौरान कलयुग का प्रभाव भी समाप्त हो गया। उन्हें पश्चाताप हुआ। पश्चाताप के लिए सुखदेव मुनि ने उन्हें भागवत कथा सुनाई, इसके बाद उन्हें मृत्यु का भय खत्म हो गया। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री, मनोज पंडित, देवेंद्र त्यागी, राजकुमार त्यागी, प्रेम चौहान मौजूद रहे।
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बागपत। साध्वी राधा देवी ने राम नाम की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा जो मनुष्य संसार के काम करता हुआ, भगवान नाम का जप करता है निश्चित ही भगवान नाम का जप करते हुए उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
बाबा जानकी दास मंदिर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में उन्होंने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया राजा संत और महात्माओं को बहुत अच्छी प्रकार से सेवा करते थे। सेवा ही उनका परमोधर्म था एक बार महाराज परीक्षित वन विहार कर रहे थे, तभी वन में मार्ग भटक गए, सारी सेना उनसे अलग हो गई। वह बहुत थक गए थे। एक आश्रम में गए, इसमें साधु साधना में बैठे थे। वहां आदर और सत्कार नहीं मिला तो कलयुग का प्रभाव होने के कारण महाराज परीक्षित में मुनि के ऊपर एक मरा हुआ सांप डाल दिया। जिस समय राजा परीक्षित ने अपने सर से मुकुट को उतारा, उसी दौरान कलयुग का प्रभाव भी समाप्त हो गया। उन्हें पश्चाताप हुआ। पश्चाताप के लिए सुखदेव मुनि ने उन्हें भागवत कथा सुनाई, इसके बाद उन्हें मृत्यु का भय खत्म हो गया। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री, मनोज पंडित, देवेंद्र त्यागी, राजकुमार त्यागी, प्रेम चौहान मौजूद रहे।
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