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बजट में मिले 23 लाख रुपये तीन घंटे बाद ही करने पड़े सरेंडर
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बागपत कलक्ट्रेट
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। बजट का साल भर इंतजार रहा, लेकिन कुछ नहीं मिला। इंतजार खत्म हुआ वित्त वर्ष के आखिरी दिन। मगर, इस्तेमाल नहीं होने के कारण चंद घंटों के बाद ही इस बजट को सरेंडर करना पड़ा। यह समस्या खड़ी हुई कृषि विभाग के साथ, जिसे करीब 23 लाख रुपये लौटाने पड़े। इसके अलावा कई सरकारी विभागों के खजाने में रखे रुपयों को अफसरों की लापरवाही के कारण खर्च नहीं जा किया सका, जिसे वित्त वर्ष के आखिरी दिन शासन को लौटाना पड़ा।
वित्त वर्ष 2021-22 के आखिरी दिन बृहस्पतिवार की रात तक सरकारी विभागों में अधिकारी और कर्मचारी कार्य करते रहे। उम्मीद थी कि आखिरी दिन कुछ बजट जरूर उनके विभाग को मिलेगा। गेहूं पर मिलने वाली अनुदान राशि के करीब 20 लाख रुपये बृहस्पतिवार शाम साढ़े सात बजे कृषि विभाग के खाते में पहुंचे। किसानों को अनुदान राशि देने के लिए बिल पास कराने को विभाग के कर्मचारी कोषागार में पहुंचे, लेकिन वहां पहले से भीड़ लगी थी। साढ़े दस बजे तक भी बिल पास नहीं हो सके तो विभागीय अफसरों को यह 20 लाख रुपये लौटाने पड़े। इसी तरह आत्मा योजना के तहत तीन लाख रुपये भी बृहस्पतिवार शाम को मिले और वह भी खर्च नहीं होने के कारण लौटाने पड़े।
स्काउट एंड गाइड में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ
बेसिक शिक्षा विभाग में बृहस्पतिवार को करीब 19 लाख 57 हजार रुपये के बिल पास कराकर भुगतान किया गया। मगर, स्काउट एंड गाइड के 25 हजार 950 रुपयों में एक पैसा खर्च नहीं किया गया, जिसे वापस करना पड़ा। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग का लाखों रुपया भी वापस गया है।
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स्वास्थ्य विभाग में कम मिला बजट
सीएमओ डा. दिनेश कुमार ने बताया कि एनएचएम में करीब 40 करोड़ स्वीकृत हुए थे, लेकिन वह एक साथ नहीं मिले थे। 27 करोड़ रुपये मिले थे, जो खर्च हो गए है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सड़क बनाने के लिए 24 करोड़ का बजट भेजा गया था, लेकिन केवल 13 करोड़ मिले थे, जो खर्च हो चुके है। सड़कों की हालत सुधारने के लिए लगभग साढ़े तीन करोड़ खर्च होंगे, जो इस वित्त वर्ष में मिलेंगे। उधर, अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिन से पोर्टल धीमा चलने के कारण भी परेशानी हुई। इस कारण भी बजट खर्च नहीं हो सका।
जितना भी बजट आखिरी दिन मिला था, वह वापस करना पड़ा। अब किसानों को अनुदान की राशि देने के लिए दोबारा से बजट मंगवाया जाएगा। इसके बाद अनुदान राशि दी जाएगी। - प्रशांत कुमार, उप निदेशक कृषि
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वित्त वर्ष 2021-22 के आखिरी दिन बृहस्पतिवार की रात तक सरकारी विभागों में अधिकारी और कर्मचारी कार्य करते रहे। उम्मीद थी कि आखिरी दिन कुछ बजट जरूर उनके विभाग को मिलेगा। गेहूं पर मिलने वाली अनुदान राशि के करीब 20 लाख रुपये बृहस्पतिवार शाम साढ़े सात बजे कृषि विभाग के खाते में पहुंचे। किसानों को अनुदान राशि देने के लिए बिल पास कराने को विभाग के कर्मचारी कोषागार में पहुंचे, लेकिन वहां पहले से भीड़ लगी थी। साढ़े दस बजे तक भी बिल पास नहीं हो सके तो विभागीय अफसरों को यह 20 लाख रुपये लौटाने पड़े। इसी तरह आत्मा योजना के तहत तीन लाख रुपये भी बृहस्पतिवार शाम को मिले और वह भी खर्च नहीं होने के कारण लौटाने पड़े।
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स्काउट एंड गाइड में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ
बेसिक शिक्षा विभाग में बृहस्पतिवार को करीब 19 लाख 57 हजार रुपये के बिल पास कराकर भुगतान किया गया। मगर, स्काउट एंड गाइड के 25 हजार 950 रुपयों में एक पैसा खर्च नहीं किया गया, जिसे वापस करना पड़ा। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग का लाखों रुपया भी वापस गया है।
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स्वास्थ्य विभाग में कम मिला बजट
सीएमओ डा. दिनेश कुमार ने बताया कि एनएचएम में करीब 40 करोड़ स्वीकृत हुए थे, लेकिन वह एक साथ नहीं मिले थे। 27 करोड़ रुपये मिले थे, जो खर्च हो गए है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सड़क बनाने के लिए 24 करोड़ का बजट भेजा गया था, लेकिन केवल 13 करोड़ मिले थे, जो खर्च हो चुके है। सड़कों की हालत सुधारने के लिए लगभग साढ़े तीन करोड़ खर्च होंगे, जो इस वित्त वर्ष में मिलेंगे। उधर, अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिन से पोर्टल धीमा चलने के कारण भी परेशानी हुई। इस कारण भी बजट खर्च नहीं हो सका।
जितना भी बजट आखिरी दिन मिला था, वह वापस करना पड़ा। अब किसानों को अनुदान की राशि देने के लिए दोबारा से बजट मंगवाया जाएगा। इसके बाद अनुदान राशि दी जाएगी। - प्रशांत कुमार, उप निदेशक कृषि