{"_id":"5beb24f5bdec2269442411c5","slug":"21542137077-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरा गांव में भट्ठे पर कच्ची ईंटे तुड़वाई, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरा गांव में भट्ठे पर कच्ची ईंटे तुड़वाई, जांच शुरू
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश को ताक पर रख कर पुरा गांव के महादेव ब्रिक फील्ड पर ईंटों की पथाई का कार्य चल रहा था। सूचना मिलते ही एसडीएम विवेक कुमार यादव के नेतृत्व में पहुंची प्रशासन की टीम ने कच्ची ईंटों को नष्ट कराया और निर्देश दिया कि एक फरवरी से पहले एक भी ईंट भट्टे का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
एसडीएम विवेक कुमार यादव ने बताया कि पुरा महादेव स्थित विनोद गोयल के भट्टे पर अवैध रूप से प्रारंभ की गई ईंट पथाई का कार्य कच्ची ईंटों को तुड़वाकर बंद कराया गया। मौके पर टीम को भट्ठे का मुनीम मिला, लेकिन वह कोई भी कागज नहीं दिखा सका। विस्तृत जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय मेरठ को निर्देशित किया गया है।
एसडीएम ने कहा कि जनपद में किसी भी भट्टे को सीपीसीबी के निर्देशानुसार एक फरवरी से पहले नहीं चलने दिया जाएगा। बागपत में प्रदूषण की समस्या को देख आदेश की अवहेलना करने वाले अथवा नियम विरुद्ध भट्ठा संचालन करने वाले भट्ठा मालिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी । एक फरवरी से मात्र जिगजैग प्रणाली वाले और प्रदूषण विभाग की अनुमति प्राप्त करने वाले भट्ठे ही चलाने की अनुमति है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम विवेक कुमार यादव ने बताया कि पुरा महादेव स्थित विनोद गोयल के भट्टे पर अवैध रूप से प्रारंभ की गई ईंट पथाई का कार्य कच्ची ईंटों को तुड़वाकर बंद कराया गया। मौके पर टीम को भट्ठे का मुनीम मिला, लेकिन वह कोई भी कागज नहीं दिखा सका। विस्तृत जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय मेरठ को निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन
एसडीएम ने कहा कि जनपद में किसी भी भट्टे को सीपीसीबी के निर्देशानुसार एक फरवरी से पहले नहीं चलने दिया जाएगा। बागपत में प्रदूषण की समस्या को देख आदेश की अवहेलना करने वाले अथवा नियम विरुद्ध भट्ठा संचालन करने वाले भट्ठा मालिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी । एक फरवरी से मात्र जिगजैग प्रणाली वाले और प्रदूषण विभाग की अनुमति प्राप्त करने वाले भट्ठे ही चलाने की अनुमति है।
विज्ञापन