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भैंसाना चीनी मिल नहीं कर रही गन्ने का भुगतान
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:48 AM IST
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दोघट (बागपत)।
गन्ना भुगतान न होने से चौगामा क्षेत्र का किसान आर्थिक तंगी झेल रहा है। भैंसाना चीनी मिल पर किसानों के करोड़ों रुपये बकाया है। किसानों ने भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
चौगामा क्षेत्र के भड़ल, निरपुड़ा, दाहा, धनौरा, दोघट, टीकरी, पुसार, कान्हड़ समेत 12 गांवों के किसानों का गन्ना भैंसाना चीनी मिल में जाता है। मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रही है। मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ने का भुगतान बकाया है। भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैे। स्कूलों में बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है। बेटियों की शादी के लिए किसानों के पास रुपये नहीं है। किसानों ने कहा मिल ने अभी तक एक फूटी कौड़ी का भी भुगतान नहीं किया है। उन्हें मेहनत की कमाई भी नहीं मिल रही। सरकार ने 14 दिन में भुगतान कराने का वादा किया। चीनी मिलें किसानों का शोषण कर रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्दी ही गन्ने का भुगतान नहीं किया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। चेतावनी देने वालों मेें हरपाल, देवेंद्र, नरेश, महीपाल, वीरेंद्र, सचिन, मोहित, बिल्लू, विकास आदि किसान शामिल रहे।
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दूसरी तरफ भैंसाना चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी राजकुमार तोमर ने बताया कि मिल ने 40 प्रतिशत गन्ने का भुगतान कर दिया है। अगस्त के पहले सप्ताह में 40 करोड़ रुपये बंफर स्टॉक के मिलेंगे। अगस्त में 80 हजार क्विंटल चीनी बेचने की अनुमति मिल जाएगी। 31 जनवरी तक का भुगतान कर चुके हैं। अगस्त माह में किसानों का भुगतान शुरू कराया जाएगा।
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गन्ना भुगतान न होने से चौगामा क्षेत्र का किसान आर्थिक तंगी झेल रहा है। भैंसाना चीनी मिल पर किसानों के करोड़ों रुपये बकाया है। किसानों ने भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
चौगामा क्षेत्र के भड़ल, निरपुड़ा, दाहा, धनौरा, दोघट, टीकरी, पुसार, कान्हड़ समेत 12 गांवों के किसानों का गन्ना भैंसाना चीनी मिल में जाता है। मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर रही है। मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ने का भुगतान बकाया है। भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैे। स्कूलों में बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है। बेटियों की शादी के लिए किसानों के पास रुपये नहीं है। किसानों ने कहा मिल ने अभी तक एक फूटी कौड़ी का भी भुगतान नहीं किया है। उन्हें मेहनत की कमाई भी नहीं मिल रही। सरकार ने 14 दिन में भुगतान कराने का वादा किया। चीनी मिलें किसानों का शोषण कर रही है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्दी ही गन्ने का भुगतान नहीं किया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। चेतावनी देने वालों मेें हरपाल, देवेंद्र, नरेश, महीपाल, वीरेंद्र, सचिन, मोहित, बिल्लू, विकास आदि किसान शामिल रहे।
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दूसरी तरफ भैंसाना चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी राजकुमार तोमर ने बताया कि मिल ने 40 प्रतिशत गन्ने का भुगतान कर दिया है। अगस्त के पहले सप्ताह में 40 करोड़ रुपये बंफर स्टॉक के मिलेंगे। अगस्त में 80 हजार क्विंटल चीनी बेचने की अनुमति मिल जाएगी। 31 जनवरी तक का भुगतान कर चुके हैं। अगस्त माह में किसानों का भुगतान शुरू कराया जाएगा।