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अमर उजाला इंपैक्ट........
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:04 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। जिवाना गांव से सरकारी हैंडपंप उखाड़कर दूसरे गांव में लगाए जाने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ ने इस प्रकरण मेेें जांच बैठा दी है।
तीन दिन पूर्व जिवाना गांव के ग्रामीणों ने ब्लाक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि गांव के बबलू के मकान के पास सरकारी हैंडपंप लगा था जो नियमों को ताक पर रखकर दूसरे गांव जिवानी में सावत्री के मकान के पास लगा दिया गया। इस मामले मेें ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो ब्लाक अफसरों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ प्रेमचंद ने इस प्रकरण की जांच बैठा दी। एडीओ पंचायत रणधोल सिंह व सचिव सुनीता मामले की जांच कर बीडीओ को रिपोर्ट साैंपेंगे।
उधर शिकायतकर्ता राजवीर पुत्र इंद्र्रपाल ने बताया कि जिवाना व जिवानी के बीच एक गांव करीमपुर भी पड़ता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि हैंडपंप एक गांव से उखाड़कर दूसरे गांव में लगा दिया जाए। यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीएम से इसकी शिकायत करेंगे। उधर बीडीओ प्रेमचन्द व सचिव सुनीता का कहना था कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उधर जिवानी गांव के प्रधान बिल्लू का कहना था उनके गांव में सावत्री के यहां नया हैंडपंप लगवाया गया है, जबकि सावत्री का अंत्योदय कार्ड व शौचालय उन्होंने स्वयं बनवाया है। एक गांव से दूसरे गांव में हैडपंप लगाना नियम विरुद्ध है।
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तीन दिन पूर्व जिवाना गांव के ग्रामीणों ने ब्लाक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि गांव के बबलू के मकान के पास सरकारी हैंडपंप लगा था जो नियमों को ताक पर रखकर दूसरे गांव जिवानी में सावत्री के मकान के पास लगा दिया गया। इस मामले मेें ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो ब्लाक अफसरों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ प्रेमचंद ने इस प्रकरण की जांच बैठा दी। एडीओ पंचायत रणधोल सिंह व सचिव सुनीता मामले की जांच कर बीडीओ को रिपोर्ट साैंपेंगे।
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उधर शिकायतकर्ता राजवीर पुत्र इंद्र्रपाल ने बताया कि जिवाना व जिवानी के बीच एक गांव करीमपुर भी पड़ता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि हैंडपंप एक गांव से उखाड़कर दूसरे गांव में लगा दिया जाए। यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीएम से इसकी शिकायत करेंगे। उधर बीडीओ प्रेमचन्द व सचिव सुनीता का कहना था कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उधर जिवानी गांव के प्रधान बिल्लू का कहना था उनके गांव में सावत्री के यहां नया हैंडपंप लगवाया गया है, जबकि सावत्री का अंत्योदय कार्ड व शौचालय उन्होंने स्वयं बनवाया है। एक गांव से दूसरे गांव में हैडपंप लगाना नियम विरुद्ध है।
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