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मेरठ से पता करें दिव्यांगता प्रतिशत, तब मिलेगा सर्टिफिकेट
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:17 AM IST
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बागपत। दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांग को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। आरोप है कि पहले घंटों तक उन्हें दफ्तर के बाहर बैठाए रहते हैं और इसके बाद डॉक्टर नहीं होने की बात कहते हुए मेडिकल कॉलेज मेरठ रेफर कर देते हैं। दिव्यांगों का आरोप है कि उनके लिए रैंप तक की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दिव्यांग पहुंचे, लेकिन इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों की कमी के चलते दिव्यांगता प्रतिशत जानने के लिए 10 ऐसे दिव्यांग थे, जिन्हें मेडिकल कॉलेज के रेफर कर दिया गया। सिंघावली अहीर निवासी पिंकी शर्मा और रंजीत भाटी ने कहा 30-40 दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए पहुंचे, फिर भी कई-कई घंटे कार्यालय के बाहर खड़े है। उन्होंने कहा रैंप नहीं होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमओ से भी इससे अवगत कराया। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि कुछ लोगों ने शिकायत की है। दिव्यांगों के लिए रैंप बनवाया जाएगा। सभी लोगों के प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है। जो प्रक्रिया है उसको तो पूरा कराया जा रहा है।
प्रमाणपत्र बनवाने के लिए काट रहे चक्कर
दिव्यांग सुशील, दिलशाद, इकबाल ने बताया कि वह उसका प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा रहा है। शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसकी शिकायत अब वह उच्चाधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री से करेंगे। डॉक्टर के साथ-साथ व्यवस्थाओं की शिकायत करेंगे।
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मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दिव्यांग पहुंचे, लेकिन इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों की कमी के चलते दिव्यांगता प्रतिशत जानने के लिए 10 ऐसे दिव्यांग थे, जिन्हें मेडिकल कॉलेज के रेफर कर दिया गया। सिंघावली अहीर निवासी पिंकी शर्मा और रंजीत भाटी ने कहा 30-40 दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए पहुंचे, फिर भी कई-कई घंटे कार्यालय के बाहर खड़े है। उन्होंने कहा रैंप नहीं होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमओ से भी इससे अवगत कराया। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि कुछ लोगों ने शिकायत की है। दिव्यांगों के लिए रैंप बनवाया जाएगा। सभी लोगों के प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है। जो प्रक्रिया है उसको तो पूरा कराया जा रहा है।
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प्रमाणपत्र बनवाने के लिए काट रहे चक्कर
दिव्यांग सुशील, दिलशाद, इकबाल ने बताया कि वह उसका प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा रहा है। शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसकी शिकायत अब वह उच्चाधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री से करेंगे। डॉक्टर के साथ-साथ व्यवस्थाओं की शिकायत करेंगे।
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