{"_id":"5a0b44e34f1c1bc9678bba9e","slug":"21510687971-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई गांवों के ग्रामीण एसडीएम से मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई गांवों के ग्रामीण एसडीएम से मिले
Updated Wed, 15 Nov 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
क्षेत्र में रहस्यमय बुखार पैर पसरा रहा है। इस कारण लोग बुखार की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे हैं। समस्या को लेकर मंगलवार को कई गांव के ग्रामीण एसडीएम से मिले और क्षेत्र मेें प्रति सप्ताह निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग उठाई।
मंगलवार को ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट के नेतृत्व मेें मलकपुर, गुराना, छछरपुर, बावली आदि गांवों के लोग तहसील पहुंचे और एसडीएम अरिवंद कुमार द्विवेदी से मिले। ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। विगत दो सप्ताह से गांव में रहस्यमय बुखार से दर्जनों लोग बीमार पड़े हैं। बुखार से दिन-प्रतिदिन बीमार लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन शिकायतों के बाद भी स्वास्थ्य अधिकारी अभी भी मूकदर्शक बने हैं। उन्होंने गांव मेें निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की। इसमें प्रकाश, प्रवेंद्र, इलम सिंह, सुखवीर, जितेंद्र, महेंद्र, दिलेर सिंह, जय सिंह, सोमपाल, जगवीर आदि रहे।
विज्ञापन
क्षेत्र में रहस्यमय बुखार पैर पसरा रहा है। इस कारण लोग बुखार की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे हैं। समस्या को लेकर मंगलवार को कई गांव के ग्रामीण एसडीएम से मिले और क्षेत्र मेें प्रति सप्ताह निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग उठाई।
मंगलवार को ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट के नेतृत्व मेें मलकपुर, गुराना, छछरपुर, बावली आदि गांवों के लोग तहसील पहुंचे और एसडीएम अरिवंद कुमार द्विवेदी से मिले। ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। विगत दो सप्ताह से गांव में रहस्यमय बुखार से दर्जनों लोग बीमार पड़े हैं। बुखार से दिन-प्रतिदिन बीमार लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन शिकायतों के बाद भी स्वास्थ्य अधिकारी अभी भी मूकदर्शक बने हैं। उन्होंने गांव मेें निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की। इसमें प्रकाश, प्रवेंद्र, इलम सिंह, सुखवीर, जितेंद्र, महेंद्र, दिलेर सिंह, जय सिंह, सोमपाल, जगवीर आदि रहे।
विज्ञापन