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बागपत सीओ और कोतवाली प्रभारी घायल
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:59 AM IST
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बागपत। काठा गांव में यमुना नदी में नाव डूबने के बाद हुए बवाल को शांत कराने गए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर भी भीड़ ने हमला बोल दिया। इस हमले में बागपत सीओ, कोतवाली प्रभारी समेत कई पुलिस वाले घायल हुए। लोगों का गुस्सा देखकर डीएम भवानी सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन, एसडीएम और तहसीलदार ने तो भागकर अपनी जान बचाई। भीड़ ने महिला हेल्प लाइन (181) गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा कई सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस हादसे के बाद गांव काठा के ग्रामीणों पर सख्ती से पेश आई तो ग्रामीण ग्रामीण आग बबूला हो गए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी। उस समय जो भी वहां पर पहुंचा, उन पर लाठी-डंडों से हमला कर पथराव कर दिया। पुलिस वालों को कमरे में बंद करके भी पीटा गया। इसमें बागपत सीओ दिलीप सिंह, कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार, एसडीएम अर्दली वीर सिंह, एचसीपी भगवत प्रसाद, कांस्टेबल सतीश सिंह, महिला कांस्टेबल सुमन, शव वाहन के चालक मनोज शर्मा, जिला अस्पताल के वार्ड ब्वाय राकेश कुमार घायल हो गए। लोगों के गुस्से को देकर डीएम भवानी सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन, एसडीएम विवेक कुमार यादव, तहसीलदार राजबहादुर सिंह समेत कई अफसरों ने भागकर अपनी जान बचाई। भीड़ में शामिल लोगों ने महिला हेल्प लाइन गाड़ी में आग लगा दी। जो धू-धूकर जल उठी। इसमें सवार बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि, सुगम कार्यकर्ता रश्मि सिंह, रीता समेत पांच लोगों पर हमले का प्रयास किया, लेकिन किसी तरह उनकी जान बची।
भीड़ के आगे बेबस हुआ सिस्टम
बागपत। गुस्साई भीड़ के सामने प्रशासन झुकता नजर आया। जिस समय गांव में तोड़फोड़ आग आगजनी हो रही थी, पुलिस वाले दूर खड़े होकर नजारा देख रहे थे। जो अफसर ग्रामीणों के बीच थे। वे आराम से खड़े हुए थे। गाड़ी जल रही थी और दमकल विभाग की गाड़ी 150 मीटर दूर खड़ी हुई थी।
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कोतवाली प्रभारी का हाल जानने अस्पताल पहुंचे आईजी
बागपत। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार का सिर फटा हुआ है। कोतवाल को सीएचसी में भर्ती है। आईजी ने सीएचसी पहुंच कर कोतवाल का हाल जाना।
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पुलिस हादसे के बाद गांव काठा के ग्रामीणों पर सख्ती से पेश आई तो ग्रामीण ग्रामीण आग बबूला हो गए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी। उस समय जो भी वहां पर पहुंचा, उन पर लाठी-डंडों से हमला कर पथराव कर दिया। पुलिस वालों को कमरे में बंद करके भी पीटा गया। इसमें बागपत सीओ दिलीप सिंह, कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार, एसडीएम अर्दली वीर सिंह, एचसीपी भगवत प्रसाद, कांस्टेबल सतीश सिंह, महिला कांस्टेबल सुमन, शव वाहन के चालक मनोज शर्मा, जिला अस्पताल के वार्ड ब्वाय राकेश कुमार घायल हो गए। लोगों के गुस्से को देकर डीएम भवानी सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन, एसडीएम विवेक कुमार यादव, तहसीलदार राजबहादुर सिंह समेत कई अफसरों ने भागकर अपनी जान बचाई। भीड़ में शामिल लोगों ने महिला हेल्प लाइन गाड़ी में आग लगा दी। जो धू-धूकर जल उठी। इसमें सवार बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि, सुगम कार्यकर्ता रश्मि सिंह, रीता समेत पांच लोगों पर हमले का प्रयास किया, लेकिन किसी तरह उनकी जान बची।
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भीड़ के आगे बेबस हुआ सिस्टम
बागपत। गुस्साई भीड़ के सामने प्रशासन झुकता नजर आया। जिस समय गांव में तोड़फोड़ आग आगजनी हो रही थी, पुलिस वाले दूर खड़े होकर नजारा देख रहे थे। जो अफसर ग्रामीणों के बीच थे। वे आराम से खड़े हुए थे। गाड़ी जल रही थी और दमकल विभाग की गाड़ी 150 मीटर दूर खड़ी हुई थी।
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कोतवाली प्रभारी का हाल जानने अस्पताल पहुंचे आईजी
बागपत। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार का सिर फटा हुआ है। कोतवाल को सीएचसी में भर्ती है। आईजी ने सीएचसी पहुंच कर कोतवाल का हाल जाना।