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इरादा पक्का हो तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:58 AM IST
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बागपत। निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म वमुनिया की रीयल लाइफ की नायिकाएं चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर अंगदपुर जौहड़ी गांव में रहती हैं। अस्सी साल की उम्र में भी दोनों बेहद सक्रिय हैं। घरेलू कार्यों से लेकर सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहती हैं।
बड़ौत-मेरठ मार्ग पर स्थित अंगदपुर जौहड़ी गांव की देवरानी-जेठानी प्रकाशो तोमर और चंद्रो तोमर की सफलता की कहानी अब रुपहले पर्दे पर दिखाई जाएगी। वुमनिया नाम की फिल्म की तैयारी चल रही हैं, इसमें दोनों की जिंदगी और शूटिंग के शौक को दिखाया जाएगा। करीब एक माह पहले मुंबई से लौटी दोनों निशानेबाज वर्तमान समय में अपने गांव में रह रही है। घरेलू कार्यों में व्यस्त हैं। घर में मेहमानों की आवभगत से लेकर पशुओं की देखभाल तक के कार्य ंदोनों खुद ही करती हैं। 60 साल की उम्र में जब वह शूटिंग सीखने के लिए आगे बढ़ी तो लोगों ने आवाज उठाई , लेकिन सब गलत साबित हुआ। पक्के इरादे से दोनों ने पहचान बनाई और देश की बालिकाओं के लिए प्रेरणा बनीं। वमुनिया का जिक्र करने पर कहती हैं कि अब अपनी भी फिल्म बनेंगी। कुछ दिन पहले ही मुंबई गई, वहां कलाकारों से मुलाकात हुई। तैयारी चल रही है।
बालिकाओं को हिम्मत दें, छू लेंगी आसमान
बड़ौत। निशानेबाज चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर ने कहा यदि बालिकाओं को हिम्मत दी जाए और अभिभावक साथ दें तो वह आसमान छू सकती हैं। बालिकाओं को संस्कार, बेहतर शिक्षा दें। उन पर भरोसा करें। वह जहां भी जाती हैं, अभिभावकों से कहती हैं कि बालिका बेहद मेहनती होती हैं और वह आगे बढ़ सकती हैं।
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गैंग्स ऑफ वासेपुर से लिया गया वुमनिया
बागपत। अनुराग कश्यप की कामयाब फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के चर्चित गाने वुमनिया से ही शूटिंग पर आधारित फिल्म का नाम वुमनिया रखा है। पटना में वुमनिया गाने की शूटिंग हुई।
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बड़ौत-मेरठ मार्ग पर स्थित अंगदपुर जौहड़ी गांव की देवरानी-जेठानी प्रकाशो तोमर और चंद्रो तोमर की सफलता की कहानी अब रुपहले पर्दे पर दिखाई जाएगी। वुमनिया नाम की फिल्म की तैयारी चल रही हैं, इसमें दोनों की जिंदगी और शूटिंग के शौक को दिखाया जाएगा। करीब एक माह पहले मुंबई से लौटी दोनों निशानेबाज वर्तमान समय में अपने गांव में रह रही है। घरेलू कार्यों में व्यस्त हैं। घर में मेहमानों की आवभगत से लेकर पशुओं की देखभाल तक के कार्य ंदोनों खुद ही करती हैं। 60 साल की उम्र में जब वह शूटिंग सीखने के लिए आगे बढ़ी तो लोगों ने आवाज उठाई , लेकिन सब गलत साबित हुआ। पक्के इरादे से दोनों ने पहचान बनाई और देश की बालिकाओं के लिए प्रेरणा बनीं। वमुनिया का जिक्र करने पर कहती हैं कि अब अपनी भी फिल्म बनेंगी। कुछ दिन पहले ही मुंबई गई, वहां कलाकारों से मुलाकात हुई। तैयारी चल रही है।
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बालिकाओं को हिम्मत दें, छू लेंगी आसमान
बड़ौत। निशानेबाज चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर ने कहा यदि बालिकाओं को हिम्मत दी जाए और अभिभावक साथ दें तो वह आसमान छू सकती हैं। बालिकाओं को संस्कार, बेहतर शिक्षा दें। उन पर भरोसा करें। वह जहां भी जाती हैं, अभिभावकों से कहती हैं कि बालिका बेहद मेहनती होती हैं और वह आगे बढ़ सकती हैं।
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गैंग्स ऑफ वासेपुर से लिया गया वुमनिया
बागपत। अनुराग कश्यप की कामयाब फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के चर्चित गाने वुमनिया से ही शूटिंग पर आधारित फिल्म का नाम वुमनिया रखा है। पटना में वुमनिया गाने की शूटिंग हुई।