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परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:53 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। शहीद अंकित तोमर की मौत के बाद उसकी पत्नी नेहा अपने चार माह के बेटे लक्ष्य और तीन साल की बेटी अभि तोमर गोद में लिए निहार रही थी। बच्चों को नहीं पता कि इस बाल्य अवस्था में ही उनके सिर से उनके पिता का साया उठ जाएगा। मां भी बच्चों के आगे गमगीन तो थी, लेकिन आंसू नहीं बाह रही थी, क्योंकि बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ता।
दिल में था देश सेवा का जज्बा
बड़ौत (बागपत)। शहीद अंकित तोमर ने बड़ौत के जनता वैदिक कॉलेज से बीए किया। उसकी 2012 में लिलोन खेड़ी शामली से नेहा के साथ शादी हुई । परिजन बताते है कि अंकित तोमर शुरू से ही होनहार था। उसका कहना था कि या तो वह पुलिस की नौकरी करेगा या फिर सेना में जाकर देश की सेवा करेगा। काफी मेहनत कर बदायूं में 2011 में उसने यूपी पुलिस की भर्ती पास की। वह क्रिकेट खेलने का शौकीन था। गांव के लोग भी बताते हैं कि जब भी वह छुट्टी आता तो देश की सेवा के लिए दम भरता था।
बेटे की शहादत पर है गर्व
बड़ौत (बागपत)। शहीद अंकित तोमर की मां अमरेश अपने बेटे को खोने पर आंसू तो बहा रही है, लेकिन उसे अपने बेटे पर गर्व भी था कि उसने शातिर बदमाश को मारने में अपनी जान गवां दी। जिसने न जाने कितने खून किए थे। पिता जयपाल सिंह को भी गम तो था, लेकिन वह आंसू नहीं बहा पा रहे हैं, लेकिन शहीद की पत्नी नेहा को देखकर उनकी आंखें भी भर आईं और उन्होंने उसे लाड़ से गले से लगाकर सांत्वना दी।
दिल में था देश सेवा का जज्बा
बड़ौत (बागपत)। शहीद अंकित तोमर ने बड़ौत के जनता वैदिक कॉलेज से बीए किया। उसकी 2012 में लिलोन खेड़ी शामली से नेहा के साथ शादी हुई । परिजन बताते है कि अंकित तोमर शुरू से ही होनहार था। उसका कहना था कि या तो वह पुलिस की नौकरी करेगा या फिर सेना में जाकर देश की सेवा करेगा। काफी मेहनत कर बदायूं में 2011 में उसने यूपी पुलिस की भर्ती पास की। वह क्रिकेट खेलने का शौकीन था। गांव के लोग भी बताते हैं कि जब भी वह छुट्टी आता तो देश की सेवा के लिए दम भरता था।
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बेटे की शहादत पर है गर्व
बड़ौत (बागपत)। शहीद अंकित तोमर की मां अमरेश अपने बेटे को खोने पर आंसू तो बहा रही है, लेकिन उसे अपने बेटे पर गर्व भी था कि उसने शातिर बदमाश को मारने में अपनी जान गवां दी। जिसने न जाने कितने खून किए थे। पिता जयपाल सिंह को भी गम तो था, लेकिन वह आंसू नहीं बहा पा रहे हैं, लेकिन शहीद की पत्नी नेहा को देखकर उनकी आंखें भी भर आईं और उन्होंने उसे लाड़ से गले से लगाकर सांत्वना दी।
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