{"_id":"59f389e94f1c1ba7678b8076","slug":"201509132777-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋण माफ नहीं होने पर किसानों ने किया घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋण माफ नहीं होने पर किसानों ने किया घेराव
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋण माफ नहीं होने पर किसानों ने किया घेराव
बागपत। ऋण मोचन योजना से वंचित रह गए किसानों ने जिला कृषि कार्यालय में कर्मचारियों का घेराव किया। आरोप लगाया वह पात्र होते हुए उन्हें योजना से बाहर किया गया है। सूची की दोबारा से जांच कराने की मांग की।
फसल ऋण मोचन योजना से बागपत के करीब 18 हजार किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया गया है। शुक्रवार को किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों का घेराव करते हुए आरोप लगाया कि सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है। किसान अब्दुल हसन पर 48 हजार, गय्यूर अहमद पर 63 हजार और कृष्णपाल ने 70 हजार रुपये बैंक से कर्ज लिया था। उन्हें सूची में भी शामिल कर लिया गया था। लेकिन बाद में अपात्र करार दिया गया। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक राजकुमार सिंह ने बताया कि बैंक और लेखपालों ने जो रिपोर्ट तैयार की उसी आधार पर कर्ज माफ हुआ है। बैंकों से ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
बागपत। ऋण मोचन योजना से वंचित रह गए किसानों ने जिला कृषि कार्यालय में कर्मचारियों का घेराव किया। आरोप लगाया वह पात्र होते हुए उन्हें योजना से बाहर किया गया है। सूची की दोबारा से जांच कराने की मांग की।
फसल ऋण मोचन योजना से बागपत के करीब 18 हजार किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया गया है। शुक्रवार को किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों का घेराव करते हुए आरोप लगाया कि सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है। किसान अब्दुल हसन पर 48 हजार, गय्यूर अहमद पर 63 हजार और कृष्णपाल ने 70 हजार रुपये बैंक से कर्ज लिया था। उन्हें सूची में भी शामिल कर लिया गया था। लेकिन बाद में अपात्र करार दिया गया। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक राजकुमार सिंह ने बताया कि बैंक और लेखपालों ने जो रिपोर्ट तैयार की उसी आधार पर कर्ज माफ हुआ है। बैंकों से ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
विज्ञापन