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दूसरों के अवगणों का प्रचार करने वाला चुगलखोर होता है
Updated Sun, 17 Sep 2017 01:47 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा कि दूसरों के अवगुणों का प्रचार करने वाला चुगलखोर होता है। वह अपने अगुणों को नहीं देखा।
वे शनिवार को जैन स्थानक मंडी मेें आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। जैन संत ने कहा कि जो दूसरों के केवल दोष देखता है, वह अपने घर पर खुश कैसे रह सकता है। ऐसे लोग बाहर से भटके हुए होते हैं। इसलिए सच्चा स्वरूप उनकी आत्मा में नहीं आ पाता है। क्योंकि, उन्हें तो दूसरों के दोष के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता। वह खुद दोषों से भरा पड़ा है। लेकिन, तू स्वयं क्या है, जो दूसरों के अवगुणों को देखता है। उसके खुद के गुण कैसे बढ़ सकेंगेे। यदि खुद के गुण भी बढ़ाना चाहते हो तो दूसरे के दोषों से मन हटा लो, दूसरों के अधर्म तत्वों को उजागर मत करों। अरुण मुनि ने कहा कि दिनभर अपने आपको चुगलखोरी के काम में व्यस्त करने से अपने गुण कलंकित हो जाते हैं। इसलिए चुगलखोरी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन मिला है, ताकि अपना कल्याण कर सके। इस अवसर पर त्रिलोक चिंद, प्रवीण कुमार, दिनेश जैन, सुशील जैन, हंसकुमार जैन, दीपक जैन, अजय जैन, अजय जैन, सहजबाला, पूनम, मधु जैन, संगीता जैन आदि रहे।
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जैन संत अरुण मुनि ने कहा कि दूसरों के अवगुणों का प्रचार करने वाला चुगलखोर होता है। वह अपने अगुणों को नहीं देखा।
वे शनिवार को जैन स्थानक मंडी मेें आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। जैन संत ने कहा कि जो दूसरों के केवल दोष देखता है, वह अपने घर पर खुश कैसे रह सकता है। ऐसे लोग बाहर से भटके हुए होते हैं। इसलिए सच्चा स्वरूप उनकी आत्मा में नहीं आ पाता है। क्योंकि, उन्हें तो दूसरों के दोष के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता। वह खुद दोषों से भरा पड़ा है। लेकिन, तू स्वयं क्या है, जो दूसरों के अवगुणों को देखता है। उसके खुद के गुण कैसे बढ़ सकेंगेे। यदि खुद के गुण भी बढ़ाना चाहते हो तो दूसरे के दोषों से मन हटा लो, दूसरों के अधर्म तत्वों को उजागर मत करों। अरुण मुनि ने कहा कि दिनभर अपने आपको चुगलखोरी के काम में व्यस्त करने से अपने गुण कलंकित हो जाते हैं। इसलिए चुगलखोरी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन मिला है, ताकि अपना कल्याण कर सके। इस अवसर पर त्रिलोक चिंद, प्रवीण कुमार, दिनेश जैन, सुशील जैन, हंसकुमार जैन, दीपक जैन, अजय जैन, अजय जैन, सहजबाला, पूनम, मधु जैन, संगीता जैन आदि रहे।