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मीतली गोवंशीय आश्रय केंद्र में हंगामा

Thu, 14 Feb 2019 01:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 01:08 AM IST
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मीतली गोवंशीय आश्रय केंद्र में हंगामा
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मीतली गोवंश आश्रय स्थल में मंगलवार की रात में उस दौरान हंगामा हो गया, जब दूसरे गांव के लोग गोवंशों से भरे वाहनों को लेकर पहुंचे। मीतली के ग्रामीण ने इसका विरोध और वाहनों से गोवंशों को नहीं उतरने दिया। सूचना पर कोतवाली और चौकी से पुलिस भी पहुंची । ग्रामीणों ने उनके साथ भी नोकझोंक हुई।
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मंगलवार की रात में मीतली गोवंश आश्रय स्थल पर दूसरे गांव से वाहनों में भरकर गोवंशों को छोड़ने के लिए आए। उसी दौरान मीतली के ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा होकर आश्रय स्थल पहुंचे। यहां पर उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। आरोप था कि दूसरे गांव के लोग वाहनों में भरकर गोवंशीय पशुओं को छोड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके गांव से गोवंशीय पशुओं को नहीं रखवाया । इनसे गांव के लोग भी परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा जब तक गांव के सभी गोवंशीय पशुओं को नहीं रखा जाता है, तब तक यहां किसी भी गांव के आवारा पशुओं को नहीं रखने दिया जाएगा। हंगामा बढ़ता देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। बागपत कोतवाली और टटीरी चौकी से पुलिस गांव में पहुंची। उन्होंने मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ ही नोकझोंक करनी शुरू कर दी। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा भी ग्रामीण के बीच पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब 200 गोवंशीय पशु रखे जा चुके हैं। अभी भी गांव के लोग इधर-उधर से पकड़कर पशुओं को जा रहे हैं। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह, चौकी प्रभारी जाहिद खान, एएसआई देवेंद्र शर्मा, बीडीओ कृपाल सिंह ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामला शांत किया।
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बदरखा में भी गोवंश छोड़ने को लेकर हुआ हंगामा
छपरौली (बागपत)। क्षेत्र के बदरखा गांव में बनाई जा रही गोशाला अभी तक पूरी नहीं हुई है, इससे पहले ही एक गांव के लोग 10 ट्रकों में सैकड़ों गोवंश भर कर ले आए और उन्हें जबरन गोशाला में छोड़ने का प्रयास किया। वहां पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों को सूचना मिल गई और उन्होंने उनको बीच रास्ते में ही रोक लिया। ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई। विरोध के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। गोशाला में अभी तक 16 बीघा जमीन में पिलर और तार लगाकर गोवंश को रोकने की व्यवस्था की। मुख्य द्वार भी अभी तक नहीं बना है। सबमर्सिबल तो हो चुका है, लेकिन बिजली की व्यवस्था नहीं हुई है। पशुओं के चारे का प्रबंध एवं पशुओं को चारा खिलाने के लिए खोर भी नहीं बन पाई है। एडीओ पंचायत एवं प्रभारी खंड विकास अधिकारी कृष्णपाल मान ने बताया कि बरसात होने से निर्माण कार्य बाधित हो गया है। शीघ्र से इसे पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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