{"_id":"5c6326f1bdec2256646ab977","slug":"191550001905-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैदिक विचार धारा को आत्मसात करने पर बल दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैदिक विचार धारा को आत्मसात करने पर बल दिया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिनौली (बागपत)। जिवाना गुलियान के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को महर्षि दयानंद जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी हुई, इसमें विद्वानों ने वैदिक विचारधारा को आत्मसात करने पर बल दिया।
राष्ट्रनिर्माण में महर्षि दयानंद का योगदान विषय पर हुई गोष्ठी में मुख्य वक्ता परोप कारिणी सभा अजमेर के अध्यक्ष डॉ. वेदपाल सिंह ने कहा कि मनुष्य के जीवन के प्रत्येक पक्ष व आयाम पर ऋषि दयानंद का ज्ञान बेमिसाल है। महर्षि ने सबके लिए समान शिक्षा व अधिकारों की परिकल्पना की। शिक्षा के संदर्भ में भी उनका योगदान बेजोड़ है। उनके द्वारा रचित ग्रंथों में मानव व राष्ट्र कल्याण का ज्ञान निहित है। पूर्व विधायक डॉ. अजय तोमर ने कहा कि आज महर्षि की विचारधारा को आत्मसात करने की महती जरूरत है। गोष्ठी में प्रो.राजेंद्र जिज्ञासु, मा अंबा बालिका डिग्री कॉलेज ग्वाली खेड़ा की प्रबंध समिति के अध्यक्ष ब्रजपाल सिंह शास्त्री, सुखबीर सिंह गठीना, मित्रमुनि, सुबोध राणा, विंग कमांडर, रामकृष्ण आदि में विचार व्यक्त किए। संस्था के संस्थापक प्रो. बलजीत सिंह आर्य ने अतिथियों, समाजसेवियों व शिक्षाविदों को प्रतीक चिह्न, शॉल व साहित्य देकर सम्मानित किया। इसकी अध्यक्षता श्रीपाल आर्य ने की। संचालन हरपाल सिंह आर्य ने किया। इसमें जमीरुद्दीन अब्बासी, धर्मपाल सिंह, रामौतार, वीर सिंह प्रधान, विनोद आर्य, सुशील वत्स, विनोद कश्यप, आनंद छिल्लर, मनोज तोमर आदि रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रनिर्माण में महर्षि दयानंद का योगदान विषय पर हुई गोष्ठी में मुख्य वक्ता परोप कारिणी सभा अजमेर के अध्यक्ष डॉ. वेदपाल सिंह ने कहा कि मनुष्य के जीवन के प्रत्येक पक्ष व आयाम पर ऋषि दयानंद का ज्ञान बेमिसाल है। महर्षि ने सबके लिए समान शिक्षा व अधिकारों की परिकल्पना की। शिक्षा के संदर्भ में भी उनका योगदान बेजोड़ है। उनके द्वारा रचित ग्रंथों में मानव व राष्ट्र कल्याण का ज्ञान निहित है। पूर्व विधायक डॉ. अजय तोमर ने कहा कि आज महर्षि की विचारधारा को आत्मसात करने की महती जरूरत है। गोष्ठी में प्रो.राजेंद्र जिज्ञासु, मा अंबा बालिका डिग्री कॉलेज ग्वाली खेड़ा की प्रबंध समिति के अध्यक्ष ब्रजपाल सिंह शास्त्री, सुखबीर सिंह गठीना, मित्रमुनि, सुबोध राणा, विंग कमांडर, रामकृष्ण आदि में विचार व्यक्त किए। संस्था के संस्थापक प्रो. बलजीत सिंह आर्य ने अतिथियों, समाजसेवियों व शिक्षाविदों को प्रतीक चिह्न, शॉल व साहित्य देकर सम्मानित किया। इसकी अध्यक्षता श्रीपाल आर्य ने की। संचालन हरपाल सिंह आर्य ने किया। इसमें जमीरुद्दीन अब्बासी, धर्मपाल सिंह, रामौतार, वीर सिंह प्रधान, विनोद आर्य, सुशील वत्स, विनोद कश्यप, आनंद छिल्लर, मनोज तोमर आदि रहे।
विज्ञापन