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विचारों से ही मनुष्य महान बनता है- शास्त्री
Updated Sat, 19 May 2018 12:29 AM IST
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श्रेष्ठ विचारों से मनुष्य महान बनता है : शास्त्री
दोघट। भड़ल गांव में देवेंद्र आर्य के आवास पर यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में लोगों ने आहुतियां प्रदान कीं।
गुरुकुल लाक्षागृह बरनावा के प्रधानाचार्य आचार्य विनोद शास्त्री ने कहा कि मनुष्य के विचार पवित्र हों तो समाज का सुधार स्वत: हो जाएगा। श्रेष्ठ विचारों से ही मनुष्य महान बनता है और ऐसे विचारों से ही समाज का सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि संस्कारों का जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। संस्कार ऋषि-मुनियों की देन है। संस्कारवान व्यक्ति ही उन्नति कर सकता है और जीवन को सुखी बना सकता है। इस मौके पर आचार्य बालक राम ने 16 संस्कारों के बारे में बताया। प्रधानाचार्य भूपति शर्मा ने भी समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने पर जोर दिया। राजेंद्र राणा निरपुड़ा और मास्टर रामकुमार और विदुषी आर्य ने ईश्वर भक्ति, सामाजिक और अध्यात्मिक भजन प्रस्तुत किए। मास्टर देवेंद्र आर्य सपत्नीक यज्ञमान रहे। कार्यक्रम में जयभगवान, कपिल, मनोज, डॉ. यशपाल, डॉ. मनोज, सहेंद्र, सोहनपाल आर्य आदि मौजूद रहे।
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दोघट। भड़ल गांव में देवेंद्र आर्य के आवास पर यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में लोगों ने आहुतियां प्रदान कीं।
गुरुकुल लाक्षागृह बरनावा के प्रधानाचार्य आचार्य विनोद शास्त्री ने कहा कि मनुष्य के विचार पवित्र हों तो समाज का सुधार स्वत: हो जाएगा। श्रेष्ठ विचारों से ही मनुष्य महान बनता है और ऐसे विचारों से ही समाज का सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि संस्कारों का जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। संस्कार ऋषि-मुनियों की देन है। संस्कारवान व्यक्ति ही उन्नति कर सकता है और जीवन को सुखी बना सकता है। इस मौके पर आचार्य बालक राम ने 16 संस्कारों के बारे में बताया। प्रधानाचार्य भूपति शर्मा ने भी समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने पर जोर दिया। राजेंद्र राणा निरपुड़ा और मास्टर रामकुमार और विदुषी आर्य ने ईश्वर भक्ति, सामाजिक और अध्यात्मिक भजन प्रस्तुत किए। मास्टर देवेंद्र आर्य सपत्नीक यज्ञमान रहे। कार्यक्रम में जयभगवान, कपिल, मनोज, डॉ. यशपाल, डॉ. मनोज, सहेंद्र, सोहनपाल आर्य आदि मौजूद रहे।