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ककड़ीपुर में पशुओं की मौत, पशुपालक चिंतित
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:09 AM IST
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ककड़ीपुर में पशुओं की मौत, पशुपालक चिंतित
बागपत। ककड़ीपुर गांव में पशुओं में रहस्यमयी बीमारी फैल रही है। पिछले एक सप्ताह के अंदर दर्जनों पशुओं की मौत हो गई है। पशु पालकों का आरोप है कि जानकारी देने के बाद भी पशुपालन विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। उनकी मांग है कि चिकित्सकों की टीम गांव में आए और पशुओं का इलाज करे। उधर चिकित्सकों का कहना है कि पशु ठंड की चपेट में आ रहे है।
ग्राम प्रधान के ससुर चौधरी आजाद सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात ही गांव के ही सुरेशपाल, राजवीर और धर्मेंद्र की एक-एक गाय और राजकुमार की एक भैंस की मौत हो गई। इससे पहले गांव के ही प्रदीप, सनसपाल की एक-एक गाय, कालूराम और सहंसरपाल की एक-एक भैंस की मौत हो चुकी है। इनके अलावा भी कई पशुओं की जान जा चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राईवेट पशु चिकित्सकों से पशुओं का इलाज करा रहे है। लेकिन बीमारी पर कंट्रोल नहीं हो पा रहा है। कई पशु अब भी बीमारी से ग्रस्त हैं। रोग से ग्रस्त पशु अचानक चारा खाना बंद कर देता है। वह कांपने लगता है। इसके बाद उसकी हालत और गंभीर हो जाती है।
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पशुओं की बीमारी से मौत के बारे में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजपाल सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। गांव में चिकित्सकों की टीमें जा रही हैं और पशुओं का इलाज कर रही हैं। पशु ठंड की चपेट में आ रहे है।
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बागपत। ककड़ीपुर गांव में पशुओं में रहस्यमयी बीमारी फैल रही है। पिछले एक सप्ताह के अंदर दर्जनों पशुओं की मौत हो गई है। पशु पालकों का आरोप है कि जानकारी देने के बाद भी पशुपालन विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। उनकी मांग है कि चिकित्सकों की टीम गांव में आए और पशुओं का इलाज करे। उधर चिकित्सकों का कहना है कि पशु ठंड की चपेट में आ रहे है।
ग्राम प्रधान के ससुर चौधरी आजाद सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात ही गांव के ही सुरेशपाल, राजवीर और धर्मेंद्र की एक-एक गाय और राजकुमार की एक भैंस की मौत हो गई। इससे पहले गांव के ही प्रदीप, सनसपाल की एक-एक गाय, कालूराम और सहंसरपाल की एक-एक भैंस की मौत हो चुकी है। इनके अलावा भी कई पशुओं की जान जा चुकी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्राईवेट पशु चिकित्सकों से पशुओं का इलाज करा रहे है। लेकिन बीमारी पर कंट्रोल नहीं हो पा रहा है। कई पशु अब भी बीमारी से ग्रस्त हैं। रोग से ग्रस्त पशु अचानक चारा खाना बंद कर देता है। वह कांपने लगता है। इसके बाद उसकी हालत और गंभीर हो जाती है।
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पशुओं की बीमारी से मौत के बारे में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजपाल सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। गांव में चिकित्सकों की टीमें जा रही हैं और पशुओं का इलाज कर रही हैं। पशु ठंड की चपेट में आ रहे है।