फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   बामनौली में किसान की मौत और चकबंदी की होगी जांच

बामनौली में किसान की मौत और चकबंदी की होगी जांच

Sun, 17 Dec 2017 01:01 AM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:01 AM IST
विज्ञापन
बामनौली में किसान की मौत और चकबंदी की होगी जांच
बागपत। चकबंदी में आठ बीघा जमीन के गलत बंटवारे से आहत होकर जहरीला पदार्थ निगलने वाले बामनौली गांव के किसान की मौत और गांव की चकबंदी प्रक्रिया की जांच होगी। कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने जांच टीम गठित की। सोमवार को यह टीम गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वास्तविकता की जानकारी लेगी।
विज्ञापन

आठ बीघा जमीन के किसान कृष्णपाल (45) पुत्र अजब सिंह ने आत्महत्या की। किसान गांव की चकबंदी प्रक्रिया से आहत था। जिला प्रशासन ने किसान की मौत को घरेलू विवाद बताया। नाराज परिजनों ने अन्न और जल त्याग दिया था। मामला कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार तक पहुंचा। कमिश्नर ने निष्पक्ष जांच के लिए अपर आयुक्त राधेश्याम मिश्रा, एडीएम बागपत लोकपाल सिंह और चकबंदी अधिकारी की टीम गठित की। निर्देश दिए हैं कि सोमवार को गांव में पहुंचकर प्रकरण की जानकारी लें। एक सप्ताह में मामले की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन


36 साल चली चकबंदी से टूट गए किसान
बागपत। बामनौली गांव में चकबंदी प्रक्रिया 36 साल तक चली। यहां वर्ष 1981 से चकबंदी प्रक्रिया शुरू की। आरोप लगाया कि किसानों के गलत तरीके से चक बनाए गए थे। इसको लेकर किसान कोर्ट चले गए। इसके बाद फिर 1989 में चक काटे गए, वह भी गलत तरीके से काटे गए थे। उसके बाद 1991 में चक काटे गए और धारा 20 लगा दी गई। उस समय न्यायालय के आदेश पर विजिलेंस की टीम ने इसकी जांच की तो खामियां पाई गई। फिर से चक बनाने के लिए कहा गया था। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में चकबंदी अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज न्यायालय में पेश कर चकबंदी कराने के आदेश जारी करा लिए और कोर्ट के आदेश पर चकबंदी कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाए
बागपत। किसान की मौत के बाद डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने चकबंदी विभाग के डीडीसी को मौके पर जाने के लिए कहा था। लेकिन अधिकारी गांव में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। गांव के बाहर से ही जांच की और मामले को पारिवारिक विवाद का बता दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed