{"_id":"59fa1f924f1c1bec538ba8cd","slug":"191509564306-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद लक्ष्य 3000 क्विंटल, खरीद जीरो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद लक्ष्य 3000 क्विंटल, खरीद जीरो
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। धान खरीद के लिए तीन क्रय केंद्र है, लेकिन खरीद शून्य है। जनपद में धान खरीद का लक्ष्य 3000 क्विंटल निर्धारित किया है। हरियाणा राज्य के लिए किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गी में धान ले रहे हैं। इस कारण जिले के केंद्र सुने पड़े हैं। दाम कम होने के कारण कृषकों ने सरकारी धान खरीद केंद्रों से मुंह मोड़ा हुआ है।
सूबे की सरकार ने धान खरीद के लिए जो वैरायटी और दाम निर्धारित किए गए है, इससे किसान संतुष्ट नहीं है। हरियाणा की ओर लगातार धान ले जा रहे है, लेकिन जिले के सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कर्मचारी दिनभर किसानों की राह देखते और शाम को कांटा उठाकर कार्यालय में रख दिया जाता है। शासन ने कॉमन धान के लिए 1550 और ए ग्रेड के लिए 1590 रुपये निर्धारित किए और केंद्रों को खरीद के लिए 3000 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया है। तीनों केंद्रों पर जीरो खरीद से प्रशासन को टेंशन है। जिले के किसान लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गी में धान भरकर हरियाणा मंडी में लेकर जा रहे हैं। प्रशासन के अफसरों ने कृषकों को केंद्रों पर धान ले जाने के लिए जरा भी जागरूक नहीं किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि हरियाणा में धान का रेट ज्यादा होने के कारण किसान केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे है। कृषि विभाग करीब 36 सौ किसानों को एसएमएस से जानकारी दी गई , इसके बावजूद कृषक जागरूक नहीं हुए।
लक्ष्य नहीं हुआ पूरा
धान खरीद के लिए जिले में तीन क्रय केंद्र स्थापित किए है। इनको लक्ष्य निर्धारित किया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि बागपत और खेकड़ा को 250-250 और बड़ौत को 2500 क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य सौंपा गया है, जो शून्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूबे की सरकार ने धान खरीद के लिए जो वैरायटी और दाम निर्धारित किए गए है, इससे किसान संतुष्ट नहीं है। हरियाणा की ओर लगातार धान ले जा रहे है, लेकिन जिले के सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कर्मचारी दिनभर किसानों की राह देखते और शाम को कांटा उठाकर कार्यालय में रख दिया जाता है। शासन ने कॉमन धान के लिए 1550 और ए ग्रेड के लिए 1590 रुपये निर्धारित किए और केंद्रों को खरीद के लिए 3000 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया है। तीनों केंद्रों पर जीरो खरीद से प्रशासन को टेंशन है। जिले के किसान लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गी में धान भरकर हरियाणा मंडी में लेकर जा रहे हैं। प्रशासन के अफसरों ने कृषकों को केंद्रों पर धान ले जाने के लिए जरा भी जागरूक नहीं किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि हरियाणा में धान का रेट ज्यादा होने के कारण किसान केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे है। कृषि विभाग करीब 36 सौ किसानों को एसएमएस से जानकारी दी गई , इसके बावजूद कृषक जागरूक नहीं हुए।
विज्ञापन
लक्ष्य नहीं हुआ पूरा
धान खरीद के लिए जिले में तीन क्रय केंद्र स्थापित किए है। इनको लक्ष्य निर्धारित किया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि बागपत और खेकड़ा को 250-250 और बड़ौत को 2500 क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य सौंपा गया है, जो शून्य है।
विज्ञापन