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नसबंदी के बाद गांव जाने के लिए एक घंटे तक एंबुलेस की बांट जोहती रही महिला
Updated Fri, 14 Jul 2017 01:19 AM IST
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महिला के परिजनों का सीएचसी में हंगामा
बड़ौत (बागपत)। बड़ौत सीएचसी में नसबंदी कराने पहुंची एक महिला को नसबंदी होने के बाद एंबुलेेंस नहीं मिलने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सीएचसी अधीक्षक ने हस्तक्षेप कर 108 एंबुलेंस मंगवाई और महिला को गांव में छुड़वाने की व्यवस्था की। पीड़ित पुष्पा देवी पत्नी राधे श्याम पोईस नंगला गांव की है। उसे एक आशा नसबंदी कराने के लिए सीएचसी में लाई। आशा महिला को सीएचसी में छोड़कर कही चली गई और नसबंदी कराने के बाद दूसरी आशा ने अपना लिखवा लिया, ताकि उसे मानदेय मिल सके। इसकी जानकारी मिलने के बाद गांव से महिला के साथ आई आश और अस्पताल में अपना नाम लिखवाने वाली आशा के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद दोनों आशाएं नसबंदी कराने के बाद महिला को सीएचसी में ही छोड़कर चली गई। महिला को गांव छोड़ने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई तो परिजनों ने सीएचसी में हंगामा कर दिया और सीएचसी में खुले बैठ कर में एंबुलेंस का इंतजार करने लगे। इससे सीएचसी में अफरा तफरी मच गई।
इसकी जानकारी मिलते हीसीएचसी अधीक्षक मुकेश उपाध्याय ने हस्तक्षेप करके 108 एंबुलेंस को बुलाया और महिला को गांव भेजवाने की व्यवस्था की। सीएचसी अधीक्षक ने बताया सीएचसी में महिला को भेजने वाली एंबुलेंस नहीं थी। एंबुलेंस अन्य मरीजों को छोड़ने गई थी। बाद में 108 एंबुलेंस से नसबंदी कराने वाली महिला गांव में भेजा।
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बड़ौत (बागपत)। बड़ौत सीएचसी में नसबंदी कराने पहुंची एक महिला को नसबंदी होने के बाद एंबुलेेंस नहीं मिलने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सीएचसी अधीक्षक ने हस्तक्षेप कर 108 एंबुलेंस मंगवाई और महिला को गांव में छुड़वाने की व्यवस्था की। पीड़ित पुष्पा देवी पत्नी राधे श्याम पोईस नंगला गांव की है। उसे एक आशा नसबंदी कराने के लिए सीएचसी में लाई। आशा महिला को सीएचसी में छोड़कर कही चली गई और नसबंदी कराने के बाद दूसरी आशा ने अपना लिखवा लिया, ताकि उसे मानदेय मिल सके। इसकी जानकारी मिलने के बाद गांव से महिला के साथ आई आश और अस्पताल में अपना नाम लिखवाने वाली आशा के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद दोनों आशाएं नसबंदी कराने के बाद महिला को सीएचसी में ही छोड़कर चली गई। महिला को गांव छोड़ने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई तो परिजनों ने सीएचसी में हंगामा कर दिया और सीएचसी में खुले बैठ कर में एंबुलेंस का इंतजार करने लगे। इससे सीएचसी में अफरा तफरी मच गई।
इसकी जानकारी मिलते हीसीएचसी अधीक्षक मुकेश उपाध्याय ने हस्तक्षेप करके 108 एंबुलेंस को बुलाया और महिला को गांव भेजवाने की व्यवस्था की। सीएचसी अधीक्षक ने बताया सीएचसी में महिला को भेजने वाली एंबुलेंस नहीं थी। एंबुलेंस अन्य मरीजों को छोड़ने गई थी। बाद में 108 एंबुलेंस से नसबंदी कराने वाली महिला गांव में भेजा।
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