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बोडो भाषा की विविधता का ज्ञान कराया
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:31 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार व शिक्षा और साक्षरता विभाग के सौजन्य से सोमवार को आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज तेड़ा में भाषा संगम कार्यक्रम हुआ। इसमें छात्र छात्राओं को बोडो भाषा की विविधता और पांच वाक्यों का ज्ञान कराया।
प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने बताया कि जिला परियोजना कार्यालय के निर्देश पर 20 नवंबर से 21 दिसंबर तक भाषा संगम कार्यक्रम होना है। इसमें निर्धारित तिथियों में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लेखित 22 भाषाओं की विविधता व पांच सरल वाक्यों का छात्र छात्राओं को ज्ञान कराना है। उन्होंने कार्यक्रम के प्रथम दिन नोटिस बोर्ड पर बोडो भाषा के पांच वाक्य लिखकर बताया कि बोडो में नमस्ते को खुलमबाय बोलते हैं। उन्होंने बताया कि बोडो तिब्बती वर्मी भाषा है भारत के उत्तर पूर्व, असम, नेपाल, बंग्लादेश में बोली जाती है। उन्होंने छात्र छात्राओं से सिखाए गए वाक्य के पोस्टर बनाकर कक्ष में दीवार पर लगाना, कक्षा व घरों में प्रयोग करने की अपील की। इस दौरान असमिया, बंगाली, डोगरी, गुजराती आदि भाषा का भी ज्ञान कराया जाएगा। इस दौरान जय भगवान, भागमल, विनोद आर्य, रामकिशन, अरविंद, सोनू, लेखराज आदि रहे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार व शिक्षा और साक्षरता विभाग के सौजन्य से सोमवार को आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज तेड़ा में भाषा संगम कार्यक्रम हुआ। इसमें छात्र छात्राओं को बोडो भाषा की विविधता और पांच वाक्यों का ज्ञान कराया।
प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने बताया कि जिला परियोजना कार्यालय के निर्देश पर 20 नवंबर से 21 दिसंबर तक भाषा संगम कार्यक्रम होना है। इसमें निर्धारित तिथियों में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लेखित 22 भाषाओं की विविधता व पांच सरल वाक्यों का छात्र छात्राओं को ज्ञान कराना है। उन्होंने कार्यक्रम के प्रथम दिन नोटिस बोर्ड पर बोडो भाषा के पांच वाक्य लिखकर बताया कि बोडो में नमस्ते को खुलमबाय बोलते हैं। उन्होंने बताया कि बोडो तिब्बती वर्मी भाषा है भारत के उत्तर पूर्व, असम, नेपाल, बंग्लादेश में बोली जाती है। उन्होंने छात्र छात्राओं से सिखाए गए वाक्य के पोस्टर बनाकर कक्ष में दीवार पर लगाना, कक्षा व घरों में प्रयोग करने की अपील की। इस दौरान असमिया, बंगाली, डोगरी, गुजराती आदि भाषा का भी ज्ञान कराया जाएगा। इस दौरान जय भगवान, भागमल, विनोद आर्य, रामकिशन, अरविंद, सोनू, लेखराज आदि रहे।
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